छात्र नेता की गिरफ्तारी बना प्रतष्ठिा का प्रश्न

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छात्र नेता की गिरफ्तारी बना प्रतिष्ठा का प्रश्न फोटो-29 पुलिस व जनता आमने सामने, 30 जनता का मुकाबला करने को तैयार पुलिसकर्मी, 31 गोली लगने से मृत छात्र, 32 जवानों पर रोड़ेबाजी करते बच्चे– छात्र की फायरिंग में मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण– मोरचा नेताओं ने आंदोलन तेज करने की कि थी घोषणा– टायर जला […]

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छात्र नेता की गिरफ्तारी बना प्रतिष्ठा का प्रश्न फोटो-29 पुलिस व जनता आमने सामने, 30 जनता का मुकाबला करने को तैयार पुलिसकर्मी, 31 गोली लगने से मृत छात्र, 32 जवानों पर रोड़ेबाजी करते बच्चे– छात्र की फायरिंग में मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण– मोरचा नेताओं ने आंदोलन तेज करने की कि थी घोषणा– टायर जला कर बीपी चौक पर प्रदर्शन कर रहे थे आंदोलनकारीसीतामढ़ी/बैरगनिया : संविधान में अधिकार की मांग को लेकर पिछले 127 दिनों से चल रहा मधेश आंदोलन शनिवार को संघीय समाजवादी फोरम छात्र विंग के अध्यक्ष ललन यादव की गिरफ्तारी के बाद से उग्र हो गया है. संयुक्त लोकतांत्रिक मधेशी मोरचा के शीर्ष नेतृत्व ने विगत दिनों आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की थी. इसको लेकर आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना रौतहट जिला मुख्यालय गौर का बीपी चौक जिसे आंदोलनकारियों द्वारा मधेश क्रांति चौक का नाम दिया गया है, वहां टायर जला कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की जा रही थी. छात्र नेता की गिरफ्तारी हीं आंदोलनकारियों के बीच प्रतिष्ठा का बड़ा प्रश्न बन गया. पुलिस और प्रशासन के साथ झड़प ने आंदोलन को हिंसक रुप दे दिया. रविवार की सुबह से हीं गौर शहर के बीपी चौक, कबीर चौक तथा बड़हवा पुल के पास आंदोलनकारी जमे थे. आंदोलनकारियों के जत्था के साथ पुलिस की पहली भिड़ंत बड़हवा पुल के पास हुई. इसके बाद आंदोलनकारियों की भीड़ बीपी चौक के पास जमा हो गयी. वहां टायर जला कर विरोध प्रदर्शन किया जाने लगा. इसी बीच भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करना शुरू कर दिया. भीड़ भी बदले की भावना में बह गयी और पुलिस को निशाना बनाते हुए रोड़ेबाजी करने लगी. खास बात यह था कि बच्चे भी इसमें शामिल थे. इसी क्रम में आंदोलनकारियों के बीच से पेट्रोल बम फेंका जाने लगा. जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस का गोला छोड़ना पड़ा. भीड़ तब भी नहीं मानी तो हवाई फायरिंग करना पड़ा. पुलिस की गोली से हीं छात्र मो तबरेज आलम की मौत हो गयी. — कर्फ्यू के बाद सड़कें हुई सुनसानप्रमुख जिलाधिकारी के साथ एसपी गणेश रेग्मी द्वारा गौर नगरपालिका क्षेत्र में कर्फ्यू लगाने की घोषणा के बाद पूरा गौर शहर सन्नाटे में डूब गया है. बाजार और दुकानें बंद हैं तथा आवाजाही प्रभावित है. मृत छात्र का शव जिला अस्पताल में हीं पड़ा हुआ है. अस्पताल को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया है. छात्र की मौत के बाद मधेश आंदोलन के और उग्र होने की आशंका बन गयी है. रौतहट के एसपी गणेश रेग्मी ने बताया कि आंदोलनकारियों द्वारा पुलिस पर पेट्रोल बम फेंका गया जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. — मोरचा नेताओं ने की मौत की निंदामोरचा नेता पूर्व सभासद बबन सिंह, बाबूलाल साह, राम निवास यादव, शेख जमशैद, शंभु सुप्रीम, अजय कुमार गुप्ता, रामेश्वर राय यादव, संजय सिंह, महेंद्र सिंह, अरुण कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह समेत अन्य ने पुलिस फायरिंग में छात्र की मौत की निंदा की है. नेताओं ने कहा कि प्रशासन शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई कर मानवीय हद को पार किया है. आंदोलन किसी कीमत पर दबने वाला नहीं है. — बूट से मार कर मौत के घाट उतारा : फोर्सवहीं मधेशी फोर्स के जिला संयोजक राजकिशोर यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि घायल होने के बाद पुलिस के जवान मृत छात्र को घसीटते हुए अस्पताल ले गयी. उसे बूट से मार मार कर मौत के घाट उतारा गया है. फोर्स इसकी तीव्र निंदा करती है. — भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी तेजउधर गौर में कर्फ्यू लगने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी तेज कर दी गयी है. एसएसबी के सहायक सेनानायक सचिन कुमार एवं बैरगनिया थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने दोपहर बाद सीमा का मुआयना किया. गौर की ओर जानेवाले लोगों को रोक दिया गया है. सहायक सेनानायक ने बताया कि स्थिति से वरीय अधिकारी को अवगत करा दिया गया है. जवानों को सघन लगाने का निर्देश दिया गया है.

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