$78 के नीचे लुढ़का ब्रेंट क्रूड, क्या शांति समझौता दुनिया को महंगाई से बचा पाएगा?
Oil Price On 18 June 2026: अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई. क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना पेट्रोल-डीजल की महंगाई से राहत दिलाएगा
Oil Price On 18 June 2026: अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते के बाद गुरुवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. समझौते से यह उम्मीद बढ़ी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जल्द सामान्य रूप से खुल सकता है. इसी उम्मीद के चलते ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 76 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.
तेल बाजार अब युद्ध और तनाव से ज्यादा इस बात पर नजर रख रहा है कि खाड़ी क्षेत्र में तेल एक्सपोर्ट और जहाजों की आवाजाही कितनी जल्दी सामान्य होती है.
समझौते में क्या हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने का रास्ता साफ होगा. युद्ध शुरू होने से पहले इस समुद्री मार्ग से दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई गुजरती थी. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया था, जिसके चलते ग्लोबल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी.
ईरान की क्या शर्त है?
ईरान ने साफ किया है कि तेल एक्सपोर्ट पूरी तरह सामान्य तभी होगा जब अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत मिले. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के मुताबिक, देश को बिना किसी रोक-टोक के तेल बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए. साथ ही शिपिंग, बीमा और भुगतान से जुड़ी सेवाएं भी सामान्य रूप से चलनी चाहिए.
बाजार अभी भी क्यों सतर्क है?
हालांकि समझौता हो चुका है, लेकिन तेल कंपनियां, व्यापारी और जहाज मालिक अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. वे समझौते के सभी परिचालन नियमों और शर्तों का इंतजार कर रहे हैं. फिर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं. कई जहाजों ने फिर से मध्य-पूर्व की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. वहीं, ईरानी बंदरगाहों से कच्चा तेल लेकर कुछ टैंकर भी रवाना हुए हैं.
आगे क्या रहेगा असर?
इराक ने भी संकेत दिया है कि सप्लाई मार्ग खुलने के साथ वह अपने तेल एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी कर सकता है. इससे आने वाले हफ्तों में ग्लोबल मार्केट में अतिरिक्त तेल पहुंच सकता है. हालांकि सप्लाई बढ़ने की उम्मीद के बावजूद बाजार पूरी तरह राहत में नहीं है. अमेरिका के ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग स्टोरेज हब में तेल भंडार करीब 2 करोड़ बैरल तक गिर गया है, जिसे कई एक्सपर्ट न्यूनतम परिचालन स्तर के करीब मानते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि यदि समझौते की शर्तें तेजी से लागू होती हैं और प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो ग्लोबल ऑयल मार्केट को राहत मिल सकती है. फिलहाल इन्वेस्टर्स की नजर सप्लाई बहाली की रफ्तार और आने वाले सरकारी फैसलों पर बनी हुई है.
ये भी पढ़ें: क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए 18 जून का हाल!
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










