खगड़िया में नाला निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप, एसडीओ ने बनाई जांच टीम

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खगड़िया में नाला निर्माण में बेईमानी का आरोप

Khagaria News: जनता के पैसों से बन रहा नाला या हो रही खानापूर्ति? शिकायतों के बाद हरकत में आया प्रशासन, निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए.

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खगड़िया से रणवीर झा की रिपोर्ट

Khagaria News: खगड़िया जिले के गोगरी नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य बाजार स्थित नाला निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से शिकायत की थी. लगातार शिकायतों के बाद गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है. टीम ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ईंट, सीमेंट, सरिया और बालू समेत अन्य निर्माण सामग्री के नमूने लेकर सुरक्षित रख लिए हैं.

जमालपुर बाजार में चल रहे इस नाला निर्माण को लेकर लोगों में लंबे समय से नाराजगी है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संवेदक द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी कर निर्माण कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में नाला क्षतिग्रस्त होने और जलजमाव की समस्या बढ़ने की आशंका है.

शिकायतों के बाद प्रशासन की एंट्री

स्थानीय लोगों ने बताया कि नाला निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई बार खगड़िया डीएम और गोगरी एसडीओ को शिकायत भेजी गई थी. इसके बाद प्रशासन ने जांच का निर्णय लिया. जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और उपयोग की जा रही सामग्रियों के नमूने एकत्र किए.

अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. बाजारवासियों का कहना है कि यदि अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक पर कार्रवाई होनी चाहिए.

Khagaria News: निर्माण स्थल पर नहीं लगा सूचना बोर्ड

विवाद का एक बड़ा कारण निर्माण स्थल पर योजना संबंधी सूचना बोर्ड का नहीं होना भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड नहीं लगाए जाने के कारण उन्हें योजना की लागत, तकनीकी मानक और स्वीकृत सामग्री की जानकारी नहीं मिल पा रही है.

लोगों का आरोप है कि पारदर्शिता के अभाव में निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से काम कर रही है.

मानकों को दरकिनार करने का आरोप

स्थानीय नागरिकों का दावा है कि नाला निर्माण में तीसरे दर्जे की ईंट, स्थानीय बालू और कम मात्रा में सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही सरिया भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं लगाया गया है. लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य जारी रहा तो नाला लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा.

क्या बोले एसडीओ?

गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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