बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: लोन वापसी में 6 महीने की छूट के लिए 30 जून तक करें आवेदन

Edited by SUMIT KUMAR
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बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

Bihar Student Credit Card News: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बेरोजगार छात्रों को लोन चुकाने से 6 महीने की राहत मिल सकती है . इसके लिए 30 जून तक पोर्टल पर 'बेरोजगारी का शपथ-पत्र' अपलोड कर डीआरसीसी में मूल प्रति जमा करना अनिवार्य है खबर नीचे पढ़ें....

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मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट

Bihar Student Credit Card News: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लेकर पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है.ऐसे छात्र जिन्हें शिक्षा पूरी करने के बाद भी अब तक रोजगार नहीं मिला है और वे लोन की राशि या किस्त चुकाने में असमर्थ हैं, उन्हें सरकार ने बड़ी राहत दी है.ऐसे छात्र ऋण वसूली से अगले 6 महीने की छूट पाने के लिए आगामी 30 जून तक आवेदन कर सकते हैं.राहत पाने के लिए प्रभावित छात्रों को अपनी यूजर आईडी का उपयोग करके एक तय प्रक्रिया को पूरा करना होगा.

बेरोजगारी का शपथ-पत्र’ जमा करना अनिवार्य

योजना के नियमानुसार, जिन छात्रों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में उनके पास रोजगार या आय का कोई भी साधन नहीं है, उन्हें ‘बेरोजगारी का शपथ-पत्र’ (एफिडेविट) देना अनिवार्य किया गया है. इस शपथ-पत्र के माध्यम से छात्र को अपनी वर्तमान वित्तीय और रोजगार की स्थिति की आधिकारिक जानकारी देनी होगी.बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम द्वारा इसके लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है. यह विशेष शपथ-पत्र छात्रों को 30 जून तक जमा करना होगा. इस निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा.

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड

जमा करनी होगी शपथ-पत्र की मूल प्रति

छात्रों को इस प्रक्रिया के तहत अपने यूजर आईडी से लॉगिन कर MNSSBYPortal के माध्यम से अपनी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करना होगा. इसके साथ ही, शपथ-पत्र की मूल प्रति को अपने संबंधित जिले के जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में जाकर व्यक्तिगत रूप से जमा करना होगा.

लापरवाही पर ‘सर्टिफिकेट केस’ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

शिक्षा विभाग और बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम ने छात्रों को सख्त चेतावनी भी जारी की है. अगर कोई छात्र निर्धारित अवधि (30 जून) के भीतर पोर्टल पर शपथ-पत्र अपलोड नहीं करता है या डीआरसीसी कार्यालय में इसकी मूल प्रति जमा नहीं कराता है, तो उसे डिफॉल्टर मान लिया जाएगा. ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा छात्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और डिफॉल्टरों पर ‘सर्टिफिकेटकेस’ दर्ज किया जा सकता है. इसलिए छात्र बिना किसी देरी के समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें.

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SUMIT KUMAR

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By SUMIT KUMAR

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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