फल-सब्जी के साथ कहीं जहर तो नहीं खा रहे आप!

Published at :15 Feb 2016 4:38 AM (IST)
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फल-सब्जी  के साथ कहीं जहर तो नहीं खा रहे आप!

छपरा(सारण) : लौकी, खीरा, कद्दू, तरबूज स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, यदि कड़वी हो तो, इसका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है. वनस्पति शास्त्र में यह कुकुरबिटेसी खानदान में आती है. कुकुरबिटेसी खानदान के फल काम्प्लेक्स यौगिक बनाते हैं. इस बात से यह समझा जा सकता है कि कुछ भी वनस्पति पेड़-पौधे से जुड़ा हानिकारक […]

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छपरा(सारण) : लौकी, खीरा, कद्दू, तरबूज स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, यदि कड़वी हो तो, इसका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है. वनस्पति शास्त्र में यह कुकुरबिटेसी खानदान में आती है. कुकुरबिटेसी खानदान के फल काम्प्लेक्स यौगिक बनाते हैं. इस बात से यह समझा जा सकता है कि कुछ भी वनस्पति पेड़-पौधे से जुड़ा हानिकारक नहीं हो सकता.

सबसे ज्यादा कुकुरबिटेसी खानदान की सब्जियां फल ज्यादा तापमान कम पानी मिट्टी की कम उपजता के कारण अनेक रसायन बनाते हैं. कड़वे फल खाने से शरीर के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं. गलत तरीके से सब्जियों के रख-रखाव से जहरीले रसायन बन जाते हैं, जिससे लीवर में सूजन , पैनक्रियाज , गाल ब्लैडर , किडनी यह रक्त में घुल जाते हैं.

क्या है मामला : आज-कल शहर में सभी रसायनों की सहायता से संरक्षित की हुई वे मौसम की सब्जियों तथा फलों की बिक्री हो रही है और लोग उसे खरीद कर खा भी रहे हैं. इसके कारण पथरी, अल्सर , डायबिटीज , थायराइड, पाइल्स आदि बीमारियों के लोग शिकार हो रहे हैं। इन बिमारियों को जन्म दे रहीं हैं. बेमौसम फल व सब्जियों का बढ़ता सेवन. जानकार बताते हैं कि गोभी गर्मी के मौसम की सब्जी नहीं हैं, लेकिन लोग गरमी के मौसम में गोभी की सब्जी खा रहे हैं
तो, गैस कब्ज और अन्य बीमारियां हो रही हैं.
हरियाली और बड़े आकार का सच : सब्जियों के खेत की सिंचाई प्रदूषित जल से की जा रही है, जिसमें अनेकों जहरीले पदार्थ पौधों द्वारा अवशोषित हो रहे हैं. जहरीले रसायनों से भरी है सब्जियां. एक व्यक्ति प्रति दिन 0.5 मिली ग्राम जहर ले रहा है. परवल को रंगा जा रहा है. सब्जी के आकार को जल्दी बड़ा करने के लिए उसमें आक्सीटानिक्स का इंजेक्शन लगाया जा रहा है.
यह इंजेक्शन बनाने तथा बेचने पर प्रतिबंध है. बासी सब्जियों को मैलाथियान के घोल में 10 मिनट तक डाला जाता है ताकि सब्जी 24 घंटे तक ताजा रहे इसका प्रयोग भिंडी, गोभी, मिर्च, परवल, लौकी, पत्ता गोभी पर किया जाता है. कृषि विज्ञान केंद्र मांझी के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बाजार की सब्जियों को नहीं खायें. लोग अपने किचन हर्वल गार्डन में सब्जियां उगाने का प्रबंध करें. बाजार की किसी भी सब्जी पर भरोसा नहीं करें.
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