Samastipur News:शिक्षा अधिकारी भी अपने नवाचार से करेंगे प्रेरित, होंगे सम्मानित

Published by : ABHAY KUMAR Updated At : 06 Jul 2025 5:33 PM

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शिक्षण व्यवस्था में नए सुधार से बच्चों में पढ़ने की ललक व प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अध्यापकों की महत्ती भूमिका है.

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Samastipur News: समस्तीपुर : शिक्षण व्यवस्था में नए सुधार से बच्चों में पढ़ने की ललक व प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अध्यापकों की महत्ती भूमिका है. अब ऐसे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी पुरस्कृत व सम्मानित किया जायेगा जो शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार व विद्यालयी वातावरण में शिक्षा ग्रहण के लिए बच्चों को प्रेरित कर रहे हों. राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान शिक्षा मंत्रालय नवाचार और बेहतर व्यवहार वाले शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित करेगा. मंत्रालय ने इसके लिए अधिकारियों के नाम मांगे हैं. मंत्रालय की इस पहल के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने समस्तीपुर समेत सभी जिलों को ऐसे अधिकारियों का नाम भेजने को कहा है. इन अधिकारियों ने जिला या प्रखंड स्तर पर क्या शैक्षणिक नवाचार किया है, उनका व्यवहार कैसा रहा है, इन सभी का रिकॉर्ड डीईओ से मांगा गया है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान, शिक्षा मंत्रालय के तहत न केवल भारत में बल्कि दक्षिण एशिया में भी शिक्षा के नियोजन एवं प्रबंधन में क्षमता निर्माण और अनुसंधान से संबंधित एक प्रमुख संगठन है. यह पुरस्कार एनआईईपीए द्वारा वर्ष 2014 में शिक्षा की सार्वजनिक प्रणाली के कामकाज में सुधार के लिए जमीनी स्तर पर शैक्षिक प्रशासन में नवाचारों और बेहतर प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य यह है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर शैक्षिक प्रशासनिक प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन के लिये जिला और ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों द्वारा अपनाए गए नवीन विचारों और प्रथाओं को मान्यता देना. शिक्षक रणजीत कुमार बताते हैं कि आज की तेजी से विकसित होती दुनिया में, शिक्षा पूरी तरह से नए अनुभवों की सेवा कर रही है और नये लक्ष्यों की ओर काम कर रही है. हमारे माता-पिता और दादा-दादी, जिन कारणों से स्कूल जाते थे, वे अब उन कारणों से मेल नहीं खाते जो आज के छात्रों को शिक्षा से चाहिए. यह समय है कि हम कैसे और क्यों सीखते हैं, इसमें एक मौलिक बदलाव किया जाये. शिक्षा में नवाचार का मतलब सिर्फ नई तकनीक से कहीं ज्यादा है. इसका मतलब है समानता को बढ़ावा देने और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक नए और सरल तरीके से वास्तविक समस्या का समाधान करना.

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