Samastipur News:मौसम की प्रतिकूल परिस्थिति के बाद भी जिला मछली उत्पादन में आगे

Published by : ABHAY KUMAR Updated At : 11 Jul 2025 6:23 PM

विज्ञापन

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी जिले में मछली का बेहतर उत्पादन हो रहा है.

विज्ञापन

Samastipur News:समस्तीपुर : मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी जिले में मछली का बेहतर उत्पादन हो रहा है. लगातार जारी अनावृष्टि के बाद भी मत्स्य पालकों का हौसला बुलंद है. वहीं मत्स्य पालकों को सरकार के द्वारा कई योजनाओं के जरिये सहायता दी जा रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 833 लाभुकों को 383.15 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचार-प्रसार योजना के तहत 400 लाभुकों को भ्रमण दर्शन कराया गया है. गत वर्ष भी 400 लाभुकों को भ्रमण दर्शन कराया गया था. राज्य से बाहर 15 लाभुकों को मत्स्य प्रशिक्षण के लिये भेजा गया था. राज्य के अंदर 170 लाभुकों को प्रशिक्षण दिया गया है. राज्य योजना के तहत तालाब मत्स्यिकी विशेष सहायता योजना का लाभ अति पिछड़ी जाति के सात लाभुकों को दिया गया है. वहीं अनुसूचित जाति के आठ लाभुकों को लाभ दिया गया है. मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यिकी विकास योजना के तहत तालाब मत्स्यिकी के लिये उन्नत इनपुट 126 लाभार्थियों को दिया गया है.उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन का लाभ 36 लाभार्थियों को दिया गया है. ट्यूबबेल तथा पंप सेट अधिष्ठापन का लाभ 33 लाभार्थियों को दिया गया है. तालाब मत्स्यिकी के लिये यांत्रिक एरेस्टर 11 लाभुकों को दिया गया है. दो लाभार्थी को कार्प हैचरी इनपुट सहायता दी गयी है.

– मत्स्य पालकों को सरकार के द्वारा दिये जा रहे अनुदान

निजी तालाब जीर्णोंद्धार योजना का लाभ छह लाभार्थियों को दिया गया है. मुख्यमंत्री समेकित चाैर विकास योजना का लाभ सामान्य कोटि के पांच, अतिपिछड़ा कोटि के दो तथा अनुसूचित जाति के दो लाभुकों को दिया गया है. जिले में फिलवक्त प्रति व्यक्ति 8.85 किलोग्राम मछली का उत्पादन हो रहा है. वहीं राष्ट्रीय औसत 9.28 किलोग्राम प्रति व्यक्ति है. जिला मछली उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है. जिले में अब बाहर से मछली मंगाने की जरूरत नहीं रह गयी है.अब जिले के जलाशयों में उत्पादित जिंदा व ताजीमछलियां जिलावासियों को मिल रही है. जिले में फिलवक्त 2030.47 हेक्टेयर में सरकारी तालाब है. वहीं 383 हेक्टेयर में निजी तालाब है, जिसमें मछली उत्पादन हो रहा है. जिले में मुख्य रूप से रोहू, कतला व नैनी मछली का उत्पादन हो रहा है. सरकार के द्वारा मछली उत्पादन पर अनुदान भी दिया जाता है. सामान्य के वर्ग के लोगाें को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ईबीसी तथा सभी कोटि की महिलाओं को 60 से 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है. वित्तीय 2023-24 में मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यिकी योजना के तहत तालाब मत्स्यिकी के लिये उन्नत इनपुट की शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल की गयी थी. वहीं 2024-25 में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई. पिछले दो वर्षों से उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन में भी शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ABHAY KUMAR

लेखक के बारे में

By ABHAY KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन