किस गलती की सजा मिल रही है बच्चों को
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 May 2015 6:03 PM
अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर हो रहे चिंतितमाोरवा. शिक्षकों के बेमियादी हड़ताल से सभी विद्यालयों में ताला लटका है. सामने गरमी की छुट्टी है. लगभग एक माह से विद्यालयों पठन पाठन प्रभावित है. बच्चे और अभिभावक दोनांे परेशान हैं. एक ओर जहां निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सजधज कर विद्यालय जाकर अपना भविष्य […]
अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर हो रहे चिंतितमाोरवा. शिक्षकों के बेमियादी हड़ताल से सभी विद्यालयों में ताला लटका है. सामने गरमी की छुट्टी है. लगभग एक माह से विद्यालयों पठन पाठन प्रभावित है. बच्चे और अभिभावक दोनांे परेशान हैं. एक ओर जहां निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सजधज कर विद्यालय जाकर अपना भविष्य संवार रहे हैं वहीं सरकारी विद्यालय के बच्चे अपने भाग्य को कोस रहे हैं. उन्हें पढ़ाई के साथ साथ स्वादिष्ट व्यंजनों से वंचित होना पड़ रहा है. बच्चों के पढ़ाई की भरपाई कैसे हो पाएगी यह सोचकर अभिभावक परेशान हो रहे हैं. विद्यालय खुलने के आसार अभी कम ही नजर आ रहा है. बच्चों को नये वर्ग का किताब भी नहीं मिला ऐसे में उसका कोर्स कैसे पूरा हो पाएगा. बच्चों एवं उनके अभिभावकों का कहना है कि आखिर किस गुनाह की सजा बच्चों को मिल रही है. वेतनमान मिलने पर दिवाली तो शिक्षकों के घर मनेगी और सरकार को वाहवाही मिलेगी लेकिन उन बच्चों को क्या मिलेगा जिसके वे वास्तविक हकदार हैं. इधर शिक्षकों की बेमियादी हड़ताल जारी है. असंतुष्ट शिक्षक अपना आगे की रणनीति बना अपने मांग पर कायम हंै.
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