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मधुकांत झा मधुकर जैसे व्यक्तित्व विरले ही लेते हैं जन्म - प्रधानाचार्य

Updated at : 27 Apr 2025 6:17 PM (IST)
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मधुकांत झा मधुकर जैसे व्यक्तित्व विरले ही लेते हैं जन्म - प्रधानाचार्य

मधुकांत झा मधुकर जैसे व्यक्तित्व विरले ही लेते हैं जन्म - प्रधानाचार्य

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आरएम कॉलेज में मिथिला रत्न पंडित मधुकांत झा मधुकर की नौवीं पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम सहरसा. राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में रविवार को मिथिला के अपर विद्यापति, बाबा नीलकंठ के अनन्य उपासक, संस्कृत, हिंदी व मैथली के मुर्धन्य, मिथिला रत्न पंडित मधुकांत झा मधुकर की नौवीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गयी. प्रधानाचार्य डॉ ललित नारायण मिश्र ने कहा कि मधुकांत झा मधुकर जैसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं. जो अपनी कृतियों से जनमानस को प्रभावित करते हैं. मिथिला सदैव से संतों एवंशैव भक्तों की उर्वर भूमि रही है. जिसमें सहरसा के चैनपुर गांव में जन्म लेकर मधुकर जी ने हम सबको गौरवान्वित किया है. डॉ राजीव कुमार झा ने कहा कि मधुकरजी बाबा नीलकंठ के अनन्य उपासक एवं सिद्ध शैव थे. उमा-शिव विवाह वाले उनके द्वारा रचित पदों में शिव में ईश्वरत्व बुद्धि और तज्जन्य श्रद्धा का समावेश है. डॉ इंद्रकांत झा ने कहा कि मधुकर जी योगी साधु थे. उनकी साधना इतनी अद्भुत थी कि कभी उनका आशीर्वाद असत्य नहीं होता था. उनसे आशीर्वाद लेने के लिए देश, विदेश से लोग चैनपुर आते थे. डॉ. अक्षय कुमार चौधरी ने कहा कि प्रार्थना या नचारी वर्ग के पदों की रचना में मधुकरजी ने पार्वती उमा के साथ दुर्गा, जानकी, गंगा की स्तुति की भी रचनाएं की हैं. इनकी रचनाओं में इनका माधुर्य अद्भुत है. डॉ.आलोक कुमार झा ने कहा कि चैनपुर स्थित नीलकंठ बाबा के मंदिर के जीर्णोद्धार, इनकी पुरातात्त्विक व आध्यात्मिक महत्त्व की गरिमा पुनर्स्थापित करने में मधुकर जी के योगदान भूला नहीं जा सकता है. डॉ कमलाकांत झा ने कहा कि उन्हें इस बात का सौभाग्य प्राप्त है कि वे मधुकांत झा मधुकर के पुत्र हैं. मधुकर जी अपने व्यवहार व विचार से शैव थे. दयालु व धार्मिक प्रकृति के साथ वे पुराणों व धार्मिक ग्रंथों के प्रति अध्ययनशील स्वाभाव के भी थे. वे अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में शिव भक्ति के प्रेरणास्रोत रहे. गायक कलाकारों ने मधुकर जी द्वारा रचित भजन की भी प्रस्तुति दी. मौके पर डॉ आशुतोष झा, डॉ उर्मिला अरोड़ा, डॉ अरूण कुमार झा, डॉ अमिष कुमार, डॉ कविता कुमारी, डॉ वीणा कुमारी मिश्र, डॉ शुभ्रा पांडेय, डॉ सुप्रिया कश्यप, डॉ संजय कुमार, डॉ रामानंद रमण, डॉ अरुण कुमार, डॉ कमला कांत झा, डॉ अखिलेश मिश्र, डॉ कृष्ण कुमार यादव, डॉ पंकज यादव, डॉ राघवेंद्र कुमार, डॉ सुदीप झा, डॉ प्रीति कुमारी, डॉ रूपक, डॉ डेजी कुमारी, डॉ बिलो राम, डॉ लालटू कुमार, डॉ राम केवल सिंह यादव, सुमित कुमार मिश्र, सुशील झा, महानंद मिश्र, मो हिफाजत हुसैन, मो सोहराब सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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