दो लाख 34 हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई के खुल जायेंगे द्वार

Updated at : 23 Jul 2019 7:50 AM (IST)
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दो लाख 34 हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई के खुल जायेंगे द्वार

पूर्णिया : कोसी मेची रीवर्स योजना पर अमल शीघ्र होगा. इसके लिए राज्य व केंद्र की सरकार प्रयासरत है. इससे सीमांचल व उत्तर बिहार को सबसे ज्यादा फायदा होगा. वाटर मैनेजमेंट से कोसी बेसिन का इलाका हरा-भरा हो जायेगा. किसान भी खुशहाल हो जायेंगे. उक्त बातें यहां जल संसाधन मंत्री संजय झा ने पूर्णिया में […]

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पूर्णिया : कोसी मेची रीवर्स योजना पर अमल शीघ्र होगा. इसके लिए राज्य व केंद्र की सरकार प्रयासरत है. इससे सीमांचल व उत्तर बिहार को सबसे ज्यादा फायदा होगा. वाटर मैनेजमेंट से कोसी बेसिन का इलाका हरा-भरा हो जायेगा. किसान भी खुशहाल हो जायेंगे. उक्त बातें यहां जल संसाधन मंत्री संजय झा ने पूर्णिया में कही. मंत्री श्री झा पूर्णिया समेत सीमांचल के इलाके के दौरे पर आये थे.

उन्होंने कहा कि यह परियोजना काफी महत्वाकांक्षी है. यह परियोजना एक नदी से दूसरी नदी को जोड़ने की योजना है. इस परियोजना के चालू हो जाने से बाढ़ का खतरा भी कम हो जायेगा. इस योजना से पूर्णिया व कोसी के दो लाख 34 हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई के द्वार खुल जायेंगे. उन्होंने पूर्णिया के डीएम सहित कई विभागों के अभियंताओं के साथ बैठक भी की.
उन्होंने बाढ़ राहत से संतोष जताया. बाढ़ पीड़तों के राहत कार्य के लिए उन्होंने पूर्णिया जिला प्रशासन की सराहना की. अधिकारियों के साथ बैठक में बताया गया कि पूर्णिया में बायसी अनुमंडल के अमौर, बैसा एवं बायसी प्रखंड पूर्णत: तथा डगरूआ व जलालगढ़ प्रखंड में अंशत: बाढ़ है. बाढ़ के बीच फंसे एक लाख 8 हजार 344 लोगों को निकाला गया है.
एक दर्जन से अधिक हेल्थ कैंप चलाये जा रहे हैं. सभी बांधों पर होमगार्ड की नियुक्ति कर दी गयी है. मवेशियों के लिए भी कैंप चलाये गये हैं. अब तक छह पशु कैंप चलाया गया है. इसमें 444 पशुओं का उपचार भी किया गया है. उन्होंने कहा नेपाल में वर्षा होने के कारण सीमांचल में बाढ़ आयी है. अभी स्थिति में सुधार हो रहा है. पूर्णिया में सभी बांध सुरक्षित हैं.
बाढ़ के प्रभाव के समाप्त होने तक सारी स्थितयों से निबटने के लिए सभी तैयारियों को बनाये रखने के भी निर्देश दिये गये. इधर सरकार भी सहायता के हर संभाव प्रयास कर रही है. हर हाल में सभी पीड़ितों को अनुदान का लाभ पहुंचाया जायेगा. खुद सरकार भी मुआयना कर रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री भी बाढ़ पीड़ित इलाके में घूम रहे हैं. बाढ़ पीड़ित इलाके में घूमना कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है.
यह बाढ़ पीड़ितों के प्रति मुख्यमंत्री की चिंता और चिंतन है. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के खाते में राशि भेजी जा रही है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्णिया में नदी के कछार में घर बनाने वालों की जांच करवायी जायेगी. खतरों को नजरंदाज करनेवाले ऐसे लोगों को वहां से हटवाया जायेगा. मौके पर बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मौजूद थे.
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