फालता में ऐतिहासिक हार के बाद अभिषेक बनर्जी ने जहांगीर खान को कहा विश्वासघाती, शुभेंदु अधिकारी बोले- ये तो बस शुरुआत है
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 25 May 2026 5:30 PM
शुभेंदु अधिकारी, जहांगीर खान और अभिषेक बनर्जी.
West Bengal Falta Repoll: पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत से तृणमूल कांग्रेस सकते में है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उम्मीदवार पर विश्वासघात करने और चुनाव आयोग पर सेटिंग के आरोप लगाये हैं. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.
खास बातें
West Bengal Falta Repoll: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 24 मई का दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए ‘ब्लैक संडे’ साबित हुआ. दक्षिण 24 परगना की फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान (Repoll) के नतीजों के बाद पार्टी में घमासान मचा है. इस ऐतिहासिक बेइज्जती के बाद पार्टी ने अपने उम्मीदवार के विश्वासघात पर हार का ठीकरा फोड़ दिया है.
फालता में चौथे नंबर पर रही तृणमूल कांग्रेस
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) न केवल चुनाव हारी, बल्कि शर्मनाक तरीके से चौथे नंबर पर पहुंच गयी. बीजेपी के देबांग्शु पांडा ने यहां 1.09 लाख से अधिक वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की. अब टीएमसी इस हार के लिए अपने ही उम्मीदवार जहांगीर खान को विश्वासघाती बता रही है. साथ ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहरा रही है.
अभिषेक बनर्जी का डायमंड हार्बर मॉडल फेल
फालता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे टीएमसी की चूलें हिलाने वाले हैं. कभी यहां से भारी बढ़त हासिल करने वाली पार्टी पुनर्मतदान में अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी. यहां बीजेपी की आंधी चली और उसके उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को 1,49,666 वोट मिले. दूसरे नंबर पर सीपीएम और तीसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी रही. जहांगीर खान महज 3.7 प्रतिशत वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे.
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फालता में किस पार्टी को कितने वोट मिले
| पार्टी का नाम | प्राप्त वोट |
| भाजपा | 1,49,666 |
| माकपा | 40,645 |
| कांग्रेस | 10,084 |
| टीएमसी | 7,783 |
अभिषेक बनर्जी का आरोप- उम्मीदवार ने पीठ में छुरा घोंपा
हार के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस हार के पीछे ‘साजिश’ की बू आ रही है. ममता बनर्जी के भतीजे ने पार्टी की हार के बाद क्या-क्या कहा, विस्तार से यहां पढ़ें.
अभिषेक बोले- उम्मीदवार ने कर दिया सरेंडर
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया. टीएमसी का आरोप है कि जहांगीर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शुभेंदु अधिकारी के साथ ‘गुप्त डील’ कर ली थी.
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फालता में काउंटिंग पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा कि 4 मई को काउंटिंग बेहद धीमी थी, लेकिन 24 मई को 21 राउंड की गिनती दोपहर 3:30 बजे तक कैसे खत्म हो गयी? उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है.
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पुलिस पर दबाव बनाने, डराने-धमकाने का लगाया आरोप
टीएमसी का कहना है कि उत्तर प्रदेश से आये ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ पुलिस अधिकारियों ने उनके कार्यकर्ताओं को डराया और मतदान को प्रभावित किया.
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अभिषेक पर शुभेंदु अधिकारी का पलटवार
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस जीत को लोकतंत्र की जीत बताया है. उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर पलटवार करते हुए फेसबुक पर लिखा- डायमंड हार्बर का कुख्यात मॉडल अब टीएमसी के हार-बार (हारने वाला) मॉडल में बदल गया है. मैंने फलता की जनता से 1 लाख की लीड मांगी थी, उन्होंने 1.09 लाख की लीड देकर हमारा कर्ज बढ़ा दिया है. हम अब ‘गोल्डन फालता’ बनायेंगे.
West Bengal Falta Repoll: टीएमसी के लिए खतरे की घंटी?
फलता में करीब 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी है. नतीजों से साफ है कि मुस्लिम वोटों का एक बड़ा हिस्सा टीएमसी से छिटककर सीपीएम और कांग्रेस की ओर चला गया है. जिस सीट पर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अभिषेक बनर्जी को 1.6 लाख की बढ़त मिली थी, वहां टीएमसी का चौथे नंबर पर आना भविष्य की राजनीति के लिए बड़ा संकेत है.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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