सौरा के शौर्य को कवियों ने शब्दों में पिरोया, कविता से दिखायी व्यथा की बानगी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Jun 2019 7:18 AM
विज्ञापन
पूर्णिया : शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली सौरा नदी के तट पर कवियों और साहित्यकारों का जमावड़ा लगा. किसी ने सौरा के शौर्य को शब्दों में पिरोया तो किसी ने अपनी कविता में सौरा की व्यथा की बानगी दिखायी. सौरा तट पर जुटे साहित्यकारों ने सौरा के प्रति अपनी संवेदनाओं को न केवल […]
विज्ञापन
पूर्णिया : शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली सौरा नदी के तट पर कवियों और साहित्यकारों का जमावड़ा लगा. किसी ने सौरा के शौर्य को शब्दों में पिरोया तो किसी ने अपनी कविता में सौरा की व्यथा की बानगी दिखायी. सौरा तट पर जुटे साहित्यकारों ने सौरा के प्रति अपनी संवेदनाओं को न केवल काव्य में ढाला बल्कि भविष्य में संकट बन कर उभरने वाले पर्यावरण को भी स्वर दिया.
यह अवसर था सौरा नदी बचाओ अभियान तथा चटकधाम के साहित्यकारों की संयुक्त पहल पर आयोजित काव्य गोष्ठी का जिसमें जीवनदायिनी सौरा नदी को बचाने, पर्यावरण संरक्षण और विद्युत शवदाह गृह की जरूरत पर फोकस किया गया. सौरा नदी के तट समीप निर्माणाधीन सेंट्रल पब्लिक परिसर में आयोजित इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता आकाशवाणी, पूर्णिया के पूर्व निदेशक विजय नंदन प्रसाद कर रहे थे.
कार्यक्रम की शुरूआत से पूर्व इंसेफ्लाइटिस से हो रही बच्चों की मौत पर गहरी संवेदना जतायी गयी और फिर काव्य गोष्ठी का आगाज किया गया. कवियों ने क्रमवार रूप से सौरा की चीख, आसमान से धरती पर, नदी और कवि, आओ सौरा तट पर समय बिताये, कहता है यह पूर्णिया, मै सौरा हूं, सौरा का पुनर्जागरण, सौरा नदी, धरती बचाऊंगा, सौरा नदी बचाना है, सौरा की धार, पर्यावरण की व्यथा, शपथ पत्र सौरा बचाएं, नदी के रास्ते, नदी और मछुवारा आदि शीर्षकों से अपनी कविताएं सुनायी. विजय नंदन प्रसाद, चंद्रकांत रॉय, महेश विद्रोही, कलाधर और गिरजनानंद मिश्र ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से सौरा संरक्षण का समां बांध दिया.
कविता का सिलसिला इस कदर शुरू हुआ कि डॉ शंभु कुशाग्र, गौरीशंकर पूर्वोत्तरी,वैद्यनाथ झा, अजय सान्याल, गंगेश पाठक,गोविंद कुमार, संजय सनातन, एस एम झा, सुमित प्रकाश, हरे कृष्ण प्रकाश सरीखे कवियों ने झड़ी लगा दी. इस अवसर पर फेसबुक पर व्यंग्यशैली लेखन के लिए मशहूर संजीव सिंह ने दो प्रसंगों और संक्षिप्त कथाओं से सौरा के मर्म को समझाने का प्रयत्न किया.
इससे पूर्व सेंट्रल पब्लिक स्कूल के निदेशक तथा समाजसेवी एस एम झा ने सौरा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विद्युत शवदाह गृह की अनिवार्यता बतायी. सौरा नदी बचाओ अभियान के सुमित प्रकाश ने सौरा के उद्गम, अस्त्तित्व, और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला तथा सौरा की मृतप्राय अवस्था पर क्षोभ प्रकट किया. मनोरंजन कुमार ने सौरा नदी बचाओ अभियान से पूरे शहरवासियों को जुड़ने की अपील की. मंच संचालन कवि संजय सनातन तथा धन्यवाद ज्ञापन ब्रह्मशक्ति के अध्यक्ष अमरनाथ उपाध्याय ने किया.
सौरा तट पर किया पौधारोपण
बुधवार को काव्य गोष्ठी के बाद चटकधाम के कवियों व साहित्यकारों के साथ ब्रह्मशक्ति समाज के लोगों ने सौरा नदी के तट पर पौधरोपवण किया. इस दौरान फलदार व छायादार पेड़ों के पौधे लगाए गये. तट पर जुटे तमाम साहित्यकारों ने सौरा बचाओ अभियान में अपनी सहभागिता का भरोसा दिलाया और कहा कि भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सौरा की सुरक्षा जरूरी है और बदलते मौसम में यह वक्त का तकाजा भी है.
इस अवसर पर अरुनन्दू झा, मंटू झा, अम्बरीश झा, संजय शुक्ला, कन्हैया झा, सुमन मिश्रा, विकास झा, सुमन मेहता, रोहित सिंह, अंजन कुमार, नूरजहूर आलम, रोशन झा, नितिन कुमार, प्रभात यादव इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










