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विधानसभा में भाई वीरेंद्र विरोध करते हुए मुख्यमंत्री के ट्रेजरी सीट पर खड़े हो गये

Updated at : 29 Nov 2024 1:23 AM (IST)
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विधानसभा में भाई वीरेंद्र विरोध करते हुए मुख्यमंत्री के ट्रेजरी सीट पर खड़े हो गये

विधानसभा में राजद के पांच और कांग्रेस के दो विधायकों के सत्ता पक्ष में बैठने को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित

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विधानसभा में राजद के पांच और कांग्रेस के दो विधायकों के सत्ता पक्ष में बैठने को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित

संवाददाता,पटना

बिहार विधानसभा में गुरुवार को पहली बार ऐसा अवसर आया जब राजद के भाई वीरेंद्र ने विरोध दर्ज कराने के लिए ट्रेजरी बेंच पर मुख्यमंत्री के आसन के पास पहुंच गये और माइक के समक्ष खड़ा हो गये. उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में नहीं थे. हालांकि, वह ट्रेजरी बेंच पर मुख्यमंत्री के आसन पर बैठे नहीं, वहां खड़ा होकर अपना विरोध जताया. भाई वीरेंद्र के इस आचरण को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने मार्शल से उनको बाहर निकालने का निर्देश दिया. मार्शल द्वारा राजद विधायक को ट्रेजरी बेंच की सीट से हटाकर बाहर ले जाने की कोशिश की गयी. हालांकि, इसी बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी.

विधानसभा में शून्यकाल आरंभ होते ही राजद के आलोक कुमार मेहता ने आसन से सदन के सदस्यों को निर्धारित सीट पर बैठाने की मांग की . उनका कहना था कि सदन में सभी सदस्यों की सीट निर्धारित है, जबकि सदस्य अपनी सीट छोड़कर दूसरे की सीट पर बैठ रहे हैं. इस पर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने नियमन दिया कि सदन में जिन सदस्यों की सीट निर्धारित है वहां पर उन्हें जाकर बैठना चाहिए. आसन के इस नियमन के बाद राजद सहित विपक्ष के विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे. इसी दौरान भाई वीरेंद्र विरोध करते हुए ट्रेजरी बेंच की पहली मुख्यमंत्री की सीट के पास जाकर खड़ा हो गये. शून्यकाल शुरू होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन से बाहर चले गये थे. दरअसल में आलोक कुमार मेहता का इशारा एनडीए सरकार के सदन में फ्लोर टेस्ट के समय राजद और कांग्रेस छोड़कर सत्तापक्ष में जानेवाले राजद के भरत बिंद, संगीता कुमारी, प्रह्लाद यादव, नीलम देवी,चेतन आनंद और कांग्रेस के सदस्य मुरारी प्रसाद गौतम व सिद्धार्थ सौरव की ओर था. विपक्ष के हंगामें के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगति कर दी. इसके कारण शून्यकाल और ध्यानकर्षण की सूचना पर सरकार का जवाब नहीं आया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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