‘यशोधरा’ नृत्य नाटिका में स्त्री के त्याग के महत्व को दर्शाया गया

Published by : MANISH LIFE Updated At : 02 Jun 2025 12:38 AM

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राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित नटराज कला मंदिर में कला संस्कृति व युवा विभाग ने मैथली शरण गुप्त की रचना पर आधारित ‘यशोधरा’ नृत्य नाटिका का मंचन किया

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संवाददाता राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित नटराज कला मंदिर में कला संस्कृति व युवा विभाग ने मैथली शरण गुप्त की रचना पर आधारित ‘यशोधरा’ नृत्य नाटिका का मंचन किया. यह नृत्य नाटिका स्त्री के त्याग के महत्व को बताता है, जिसने अपने पुत्र का त्याग विश्व शांति के लिए बौद्ध धर्म में दीक्षित करके किया गया. पति सिद्धार्थ ज्ञान की प्राप्ति के लिए गृह त्याग करते हैं तो यशोधरा को दुख होता है कि वह उससे कहकर क्यों नहीं गये. वह विश्व कल्याण के लिए अपने पति के मार्ग में कभी रोड़ा नहीं बनती. यशोधरा अपने पति और पुत्र दोनों का त्याग किया विश्व के कल्याण के लिए, जो कि एक स्त्री के लिए सबसे प्रिय होता है. भगवान बुद्ध ने भी माना कि स्त्री महान होती है. वह बच्चों के लालन पालन से लेकर विश्व कल्याण के लिए सर्वस्व त्याग करती है. अंजुला कुमारी नृत्यांगना के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका की दर्शकों ने काफी सराहना की.

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