सम्राट चौधरी ही क्यों बने बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री, इन वजहों से रेस में निकले सबसे आगे
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Apr 2026 5:41 PM
सम्राट चौधरी
Samrat Choudhary: बिहार में नीतीश कुमार के लंबे दौर के बाद अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नया राजनीतिक अध्याय शुरू होने जा रहा है. भाजपा ने उन्हें राज्य का पहला बीजेपी सीएम चुनकर बड़ा दांव खेला है. आइये जानते हैं किन वजहों से बीजेपी आलाकमान ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.
Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय हो गया है. नीतीश कुमार के लंबे शासन के बाद अब सम्राट चौधरी नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है. सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण बिहार का लव-कुश समीकरण माना जा रहा है. लव-कुश यानी कुर्मी और कुशवाहा समाज का राज्य की राजनीति में बड़ा असर है. इन दोनों जातियों का करीब 7 प्रतिशत वोट बैंक है, जो 50 से 60 सीटों पर असर डालता है. सम्राट चौधरी खुद कुशवाहा समाज से आते हैं. भाजपा इस फैसले से सीधे इस मजबूत वोट बैंक को साधना चाहती है.
बीजेपी में आने के बाद बढ़ा ग्राफ
दूसरा बड़ा कारण उनका लंबा राजनीतिक अनुभव है. सम्राट चौधरी 1990 के दशक से राजनीति में एक्टिव हैं. उन्होंने राजद से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री रहे. बाद में विधायक बने, मंत्री बने और कई अहम विभाग संभाले. 2018 में भाजपा में आने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा. उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष, फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बाद में उपमुख्यमंत्री बनाया गया.
एक और कारण उनकी पारिवारिक राजनीतिक विरासत है. सम्राट चौधरी बिहार के बड़े नेता शकुनी चौधरी के बेटे हैं. उनके पिता कई बार विधायक और सांसद रहे हैं. उनकी मां पार्वती देवी भी विधायक रह चुकी हैं. राजनीतिक माहौल उन्हें घर से मिला, लेकिन अपनी अलग पहचान उन्होंने खुद बनाई.
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नीतीश कुमार का भरोसा जीता
नीतीश कुमार का भरोसा जीतना भी उनके लिए सही साबित हुआ. एक समय सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के खिलाफ खुलकर बोलते थे. उन्होंने पगड़ी न खोलने की कसम तक खाई थी. लेकिन बाद में उन्होंने नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताया. नीतीश कुमार जहां-जहां गए, सम्राट साथ रहे. इससे दोनों नेताओं के बीच रिश्ते सुधरे और भरोसा मजबूत हुआ.
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि भाजपा ने यह फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है. सम्राट चौधरी के जरिए पार्टी ने जातीय संतुलन, संगठन अनुभव और गठबंधन की मजबूती तीनों को साध लिया है. अब बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई राजनीति की शुरुआत होने जा रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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