बिहार में प्राइवेट स्कूलों की 1 जुलाई से शुरू होगी जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 29 May 2026 8:25 PM

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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

Bihar Private School Checking: बिहार सरकार ने 1 जुलाई से पूरे राज्य में निजी स्कूलों की बड़ी जांच शुरू करने का फैसला लिया है. शिक्षा विभाग स्कूलों की सुविधाओं, शिक्षकों, नामांकन और RTE नियमों की जांच करेगा. फर्जी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों पर भी कार्रवाई की तैयारी है.

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Bihar Private School Checking: बिहार सरकार अब राज्य के निजी स्कूलों पर सख्ती करने की तैयारी में है. शिक्षा विभाग ने 1 जुलाई से पूरे बिहार में प्राइवेट स्कूलों की बड़े स्तर पर जांच करने का फैसला लिया है. यह अभियान लगातार एक महीने तक चलेगा. इस दौरान मान्यता प्राप्त सभी निजी स्कूलों की जांच की जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि स्कूल सरकार के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. साथ ही स्कूलों में बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं, शिक्षकों की उपलब्धता, भवन, शौचालय, पेयजल, नामांकन और पढ़ाई की व्यवस्था की भी जांच होगी.

1 जुलाई से चलेगा स्पेशल जांच अभियान

शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि 1 जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान में राज्यभर के प्राइवेट स्कूलों की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी. खास तौर पर यह देखा जाएगा कि स्कूल शिक्षा का अधिकार कानून यानी RTE और बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली का पालन कर रहे हैं या नहीं.

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल बिहार में 19186 प्राइवेट स्कूल रजिस्टर्ड है. इसके अलावा 1012 निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया अभी चल रही है.

स्कूलों की सुविधाओं पर रहेगा फोकस

जांच टीम स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण करेगी. इसमें क्लासरूम, साफ-सफाई, पीने का पानी, शौचालय, खेल मैदान, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की संख्या जैसी चीजों की जांच होगी. सरकार यह भी देखेगी कि स्कूलों में बच्चों को तय मानकों के अनुसार शिक्षा मिल रही है या नहीं. नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है.

फर्जी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों पर भी होगी कार्रवाई

बिहार सरकार सिर्फ निजी स्कूलों तक ही सीमित नहीं रहने वाली है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि बिहार में चल रहे मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की भी जांच कराई जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि जो मदरसे और संस्कृत विद्यालय फर्जी तरीके से चल रहे होंगे या नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा.

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि जो भी संस्थान नियमों के खिलाफ चलते पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई करते हुए ताला लगाया जाएगा.

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शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस

इस अभियान का मकसद शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और बच्चों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. विभाग चाहता है कि सभी स्कूल तय नियमों के तहत संचालित हों ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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