पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए बंगाल में लगाये जायेंगे 7.2 करोड़ पौधे

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अरण्य सप्ताह 2026 के लिए कोलकाता से रवाना हुआ ‘वन-रथ’.

अरण्य सप्ताह 2026 के लिए कोलकाता से रवाना हुआ ‘वन-रथ’.

Aranya Saptah West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए 7.2 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री ने लोगों से 'मां के नाम एक पौधा' लगाने की भावुक अपील की है.

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Aranya Saptah West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य में इस वर्ष 7.2 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पौधरोपण अभियान में तेजी लायें और इस मामले में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से प्रतिस्पर्धा करें. मंगलवार से सप्ताह भर चलने वाले अरण्य सप्ताह (Aranya Saptah) अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश जारी किये.

रथयात्रा मेलों और सेवा केंद्रों से होगा पौधों का वितरण

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य भर में आयोजित होने वाले 75 रथयात्रा मेलों में स्थापित किये जाने वाले सरकारी सेवा केंद्रों के माध्यम से आम जनता को पौधों का वितरण किया जाये. आम और अन्य फलदार पौधों के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों में, जहां चक्रवात और आंधी-तूफान अधिक आते हैं, नारियल के पौधों के वितरण को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाये.

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पौधरोपण में उत्तर प्रदेश से करेंगे प्रतिस्पर्धा : सीएम

देश के अन्य राज्यों में घोषित बड़े पौधरोपण अभियानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को पर्यावरण के इस महाअभियान में पीछे नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा- आज सुबह मैंने देखा कि उत्तर प्रदेश 26 करोड़ पौधे लगाने की योजना बना रहा है. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में 1.20 करोड़ पौधे लगा रहे हैं. पश्चिम बंगाल भी एक बड़ा राज्य है. मेरा मानना है कि हम इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं.

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‘मां के नाम एक पौधा’ लगाने की अपील

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के सचिव और कोलकाता नगर निगम (KMC) के आयुक्त को निर्देश दिया कि उनके भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पौधों के वितरण की विशेष योजना बनायी जाये, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से भावुक अपील की. उन्होंने लिखा- मैं प्रत्येक नागरिक से ‘अरण्य सप्ताह’ मनाने और अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह करता हूं.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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