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गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूलों में बच्चों की तीन बार बनेगी ऑनलाइन हाजिरी

Updated at : 26 May 2025 7:09 PM (IST)
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गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूलों में बच्चों की तीन बार बनेगी ऑनलाइन हाजिरी

बच्चों की उपस्थिति पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन हाजिरी बनाने की शुरुआत अगले माह यानी गर्मी की छुट्टी के बाद से शुरू कर दी जायेगी

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-पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन हाजिरी को दिया जायेगा विस्तार

संवाददाता, पटना

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के साथ ही साथ बच्चों की उपस्थिति पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन हाजिरी बनाने की शुरुआत अगले माह यानी गर्मी की छुट्टी के बाद से शुरू कर दी जायेगी. इसके लिए जिले के पांच स्कूलों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है. इन स्कूलों में टैब के माध्यम से केवल कक्षा तीन के बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी बनाने की शुरुआत कर दी गयी है. ऑनलाइन हाजिरी बनाने के साथ ही इस प्रोजेक्ट को विस्तार देने के साथ ही बच्चों पर नजर बनाये रखने के लिए प्रतिदिन बच्चों की तीन बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जायेगी. शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों को टैब मुहैया कराने के बाद प्रतिदिन तीन बार बच्चों की सामूहिक उपस्थिति दर्ज की जायेगी.

प्रत्येक क्लासरूम में शामिल बच्चों की फोटो खींच कर इ-शिक्षाकोष पर किया जायेगा अपलोड

शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के अनुसार जिन स्कूलों को टैब मुहैया कराया जायेगा. वहां के बच्चों की तीन बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जायेगी. प्रतिदिन क्लास टीचर्स अपने क्लास के बच्चों की तस्वीर सामूहिक रूप से अलग-अलग समय पर तीन बार फोटो खींच कर इ-शिक्षाकोष पर अपलोड करेंगे. पहली बार क्लासरूम में बैठे बच्चों की फोटो मॉर्निंग असेंबली के बाद खींची जायेगी. वहीं दूसरी तस्वीर लंच ब्रेक के बार और तीसरी तस्वीर छुट्टी से पहले वाली घंटी में क्लास टीचर्स खींचेंगे. पदाधिकारियों की मानें, तो इससे यह पता चलेगा कि सुबह की क्लास स्ट्रेंथ और छुट्टी के समय की क्लास स्ट्रेंथ एक जैसी है या फिर इसमें कमी आयी है. अगर किसी क्लास में बच्चों की उपस्थिति में बड़ा अंतर पाया जाता है तो इसकी जवाबदेही भी क्लास टीचर्स की ही होगी.

मध्याह्न भोजन के संचालन पर होगी नजर

लंच ब्रेक में कितने बच्चों ने मध्याह्न भोजन किया है इस पर भी स्कूल के प्रधानाध्यापकों की नजर होगी. इसके जरिये यह भी पता चलेगा कि कितने बच्चे स्कूल आये और प्रतिदिन कितने बच्चों ने मध्याह्न भोजन किया. शिक्षा विभाग को ऐसी शिकायत मिली है कि मध्याह्न भोजन के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो जाती है. इसके साथ ही रेगुलर स्कूल आने वाले बच्चों की भी रिकॉर्ड स्कूल के पास सुरक्षित रहेगी.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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