'बिहार में सुशासन की जगह कुशासन हावी हो जाएगा', नीतीश के इस्तीफे के बाद उनके गांव में छाई मायूसी

Updated at : 30 Mar 2026 6:23 PM (IST)
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nitish village

कल्याण विगहा की तस्वीर

Nitish Kumar: नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनके गृह गांव कल्याण विगहा में मायूसी छा गई है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर नीतीश नहीं रहेंगे, तो बिहार में सुशासन और विकास पर असर पड़ेगा.

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Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद जहां पूरे राज्य में सियासी हलचल है, वहीं उनके गृह जिले नालंदा के कल्याण विगहा गांव में अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. यहां लोगों के चेहरों पर मायूसी है और माहौल भावुक नजर आ रहा है.

गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, तो बिहार में सुशासन की जगह कुशासन हावी हो जाएगा. लोगों का मानना है कि राज्य को सही दिशा देने वाला नेता अगर कोई है, तो वह सिर्फ नीतीश कुमार ही हैं.

विकास की रफ्तार थमने का डर

ग्रामीणों ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार में सड़क, बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है. उनका कहना है कि अगर वह पद छोड़ते हैं, तो विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और भ्रष्टाचार व अपराध बढ़ सकते हैं.

BJP पर भी उठाए सवाल

गांव के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि बीजेपी नीतीश कुमार जैसी छवि और सुशासन कायम नहीं रख पाएगी. ग्रामीणों के मुताबिक, ‘नीतीश जैसा ईमानदार और सादा नेता मिलना मुश्किल है.’

निशांत कुमार को लेकर उठी मांग

इस बीच गांव में एक और दिलचस्प मांग सामने आई है. कुछ ग्रामीणों ने कहा कि अगर नीतीश कुमार पद छोड़ते हैं, तो उनके बेटे निशांत कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, ताकि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा सकें.

जमीनी पकड़ का दिखा असर

नीतीश कुमार के इस्तीफे ने यह साफ कर दिया है कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी उनकी मजबूत पकड़ है. कल्याण विगहा गांव में छाई मायूसी इस बात का संकेत है कि लोग आज भी उन्हें ‘सुशासन’ और ‘विकास’ का प्रतीक मानते हैं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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