आईजीआईएमएस में दूसरे दिन भी हंगामा: छात्रों ने ओपीडी, इमरजेंसी और कैश काउंटर पर जड़ा ताला, ठप रही स्वास्थ्य सेवा
Published by : Nikhil Anurag Updated At : 20 May 2026 8:43 PM
नाराज एमबीबीएस छात्रों ने किया हंगामा
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस छात्र की पिटाई के विरोध में छात्रों ने ओपीडी, इमरजेंसी और कैश काउंटर बंद कर दिए. करीब एक घंटे तक इलाज सेवा बाधित रही. मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने फोर्स के साथ पहुंचकर ताला खुलवाया. छात्रों ने आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है.
Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट) इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में एमबीबीएस छात्र की पिटाई के विरोध में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित छात्रों ने सुबह ओपीडी, इमरजेंसी और कैश काउंटर पर ताला जड़ दिया, जिससे करीब एक घंटे तक मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी.
सुबह करीब आठ बजे सैकड़ों की संख्या में एमबीबीएस छात्र रजिस्ट्रेशन काउंटर पहुंचे और कामकाज बंद करा दिया. इसके बाद छात्रों ने कैश काउंटर और इमरजेंसी गेट पर ताला लगा दिया, जिससे मरीजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई. इमरजेंसी गेट और कैश काउंटर के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ जमा हो गई.
मेडिकल सुपरिटेंडेंट फोर्स के साथ पहुंचे, खुलवाया ताला
घटना की जानकारी मिलने के बाद मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल सुरक्षा बल और टीओपी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे. करीब 9:30 बजे उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी और कैश काउंटर के ताले खुलवाए और डॉक्टरों की एंट्री कराई.
करीब एक घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं. हालात को देखते हुए मेडिकल सुपरिटेंडेंट खुद ओपीडी के विभिन्न चेंबरों में पहुंचे और अपनी मौजूदगी में मरीजों का इलाज शुरू कराया. बाद में प्रशासन ने ओपीडी सेवा का समय बढ़ाकर दोपहर तीन बजे तक कर दिया.
ओपीडी के बाहर फंसे रहे मरीज और डॉक्टर
ताला बंद होने की वजह से सीनियर डॉक्टरों समेत मरीज भी ओपीडी में प्रवेश नहीं कर सके. इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और मारपीट के आरोपी स्थायी कर्मचारी को निलंबित करने की मांग की. इलाज नहीं मिलने से परेशान कई मरीजों ने बाद में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना का रुख किया.
जांच के लिए कमेटी गठित
संस्थान प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आईजीआईएमएस के 2022 बैच के एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र सुधीर कुमार अपने परिजन को न्यूरो सर्जरी ओपीडी में दिखाने पहुंचे थे. छात्र का आरोप है कि परिजन की तबीयत गंभीर होने के बावजूद काफी देर तक नंबर नहीं आया. इसी बात को लेकर वहां मौजूद कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास से उनकी बहस हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया.
इसके बाद एमबीबीएस छात्रों ने संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मुलाकात कर दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की थी. छात्रों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं होने पर वे हड़ताल करेंगे.
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