11 साल बाद आया इंसाफ: गुमला में महिला को लहूलुहान कर दुष्कर्म करने वाले को कोर्ट ने भेजा 10 के लिए जेल

गुमला में दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की जेल, Pic Credit- AI Only Fot Symbolism
Gumla Crime News: गुमला की विशेष महिला एवं बाल न्यायालय ने 2015 के एक दुष्कर्म और जानलेवा हमले के मामले में आरोपी किशोर लोहरा को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी ने तरी जंगल में एक महिला को अकेला पाकर चाकू से हमला किया था और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
Gumla Crime News, गुमला, (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): झारखंड के गुमला जिले में वर्ष 2015 में एक विवाहित महिला के साथ हुई दुष्कर्म और जानलेवा मारपीट के चर्चित मामले में पूरे 11 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) सह विशेष न्यायाधीश (महिला, एससी-एसटी एवं बाल न्यायालय) प्रेम शंकर की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी किशोर लोहरा को दोषी करार दिया है. अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास (रिगोरस इमप्रिजनमेंट) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि न देने की स्थिति में उसे 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी.
इन धाराओं के तहत कोर्ट ने ठहराया दोषी
विशेष अदालत ने गवाहों के बयान, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी किशोर लोहरा को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत जबरन दुष्कर्म (बलात्कार) करने के जुर्म में, धारा 323, 324 के तहत धारदार हथियार से हमला करने और गंभीर चोट पहुंचाने के लिए और धारा 341 के तहत रास्ता रोकने और बंधक बनाने के आरोप में, विभिन्न संगीन धाराओं के तहत दोषी पाया.
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महिला को झाड़ियों से निकलकर दबोचा था
यह अमानवीय घटना 14 जनवरी 2015 की सुबह की है. प्राथमिकी के अनुसार, गांव की करीब 50 वर्षीय एक विवाहित महिला अपने घर से खाना पकाने के लिए सूखी लकड़ी लाने तरी जंगल की ओर निकली थी. उसके साथ गांव की कुछ अन्य महिलाएं भी थीं, लेकिन जंगल के भीतर वे आगे निकल गईं और पीड़िता थोड़ी पीछे छूट गई. दोपहर के समय जब महिला तरी जंगल के ‘खेरटोड़’ नामक सुनसान इलाके में पहुंची, तभी झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठा गांव का ही युवक किशोर लोहरा अचानक उसके सामने आ गया. आरोपी रिश्ते में महिला का भतीजा लगता था, इसलिए पीड़िता ने उसे पहचान लिया और सहज भाव से पूछा कि वह जंगल में क्या कर रहा है.
सिर पर चाकू से वार कर चेहरे को किया लहूलुहान
आरोपी के सिर पर हैवानियत सवार थी. उसने पहले महिला से पूछा कि क्या वह जंगल में बिल्कुल अकेली है? महिला के ‘हाँ’ कहते ही आरोपी ने उसे डराना शुरू कर दिया. उसने महिला पर रौब झाड़ते हुए कहा कि वह उग्रवादी संगठन का आदम है, इसलिए जो कहा जा रहा है चुपचाप करे, वरना जान से मार दी जाएगी. महिला ने जब रिश्ते का वास्ता देकर उसे समझाने की कोशिश की, तो आरोपी और हिंसक हो गया. उसने सबसे पहले महिला के हाथ से लकड़ी काटने वाली टांगी (कुल्हाड़ी) छीनकर दूर फेंक दी. इसके बाद उसने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाला और महिला के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. आरोपी ने यहीं बस नहीं किया, उसने हथियार के पिछले हिस्से (बट) से महिला के चेहरे और मुंह पर बेरहमी से कई वार किए जिससे वह लहूलुहान हो गई.
चीख-पुकार के बाद भी जमीन पर पटक कर की दरिंदगी
गंभीर रूप से घायल पीड़िता ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाने और भागने की पूरी कोशिश की, लेकिन घने जंगल का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करता रहा. अंततः आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर जमीन पर पटक दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लहूलुहान महिला को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया था. 11 साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार अब जाकर पीड़िता को इंसाफ नसीब हुआ है.
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By Sameer Oraon
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