साजन चले ससुराल'' जैसी सच्ची कहानी, एक पति की तीन पत्नियां, मामला पहुंचा थाना

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गुमला में एक युवक ने तीन महिलाओं को धोखे में रखकर शादी की। अब पहली और तीसरी पत्नी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी दूसरी पत्नी के साथ फरार है।

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गुमला

एक पति, तीन पत्नियां, झूठ पर झूठ, शहर बदलते रिश्ते और अंत में थाने तक पहुंचा मामला. यह घटनाक्रम सुनने में भले ही गोविंदा की चर्चित फिल्म ''साजन चले ससुराल'' की कहानी जैसा लगे. लेकिन यह मामला गुमला जिले का है. जहां एक युवक पर तीन महिलाओं को अलग-अलग समय पर धोखे में रखकर संबंध बनाने के आरोप लगे हैं. अब पहली व तीसरी पत्नी न्याय की गुहार लेकर थाना पहुंची. जबकि आरोपी दूसरी पत्नी के साथ फरार बताया जा रहा है. तीसरी पत्नी ने खुद को चार माह की गर्भवती भी बताया है. जानकारी के अनुसार, घटगांव सतपारा घट्ठा निवासी कैलाश भगत की पहली शादी वर्ष 2017 में कोलपारा घट्ठा निवासी शिमला देवी से हुई थी. दोनों के तीन बच्चे हैं. आरोप है कि इसके बाद उसने वर्ष 2019 में सरगांव की अनिमा देवी से भी संबंध बनाये और उसे किराये के मकान में अपने साथ रखा. इसी बीच फेसबुक और फोन के माध्यम से उसकी पहचान कोयनारा बड़काटोली निवासी सुकरमुनि कुमारी से हुई. आरोप है कि उसने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का भरोसा दिया और यह भी कहा कि उसकी कोई पत्नी नहीं है. जब पहली पत्नी का फोन आता था तो उसे "भाभी " बताकर बात टाल देता था. बाद में तीसरी पत्नी ने पहली पत्नी से संपर्क किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. आरोप है कि युवक तीसरी पत्नी को लेकर गोवा चला गया. जहां बाद में दूसरी पत्नी भी पहुंच गयी. गोवा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी मामला नहीं सुलझा. कुछ दिन पहले वह दोनों महिलाओं को लेकर गुमला लौटा. लेकिन फिर तीसरी पत्नी को बस स्टैंड पर छोड़कर दूसरी पत्नी के साथ फरार हो गया. बताया जा रहा है कि उसने उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया है. अब पहली और तीसरी पत्नी ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करायी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. यदि आरोप सही साबित होते हैं तो मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि धोखाधड़ी और अन्य कानूनी पहलुओं से भी जुड़ सकता है. पुलिस हर पहलुओं पर जांच कर रही है.

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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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