गढ़वा के सदर अस्पताल में कैटरिंग और दुकानदारों को फास्टैग ट्रेनिंग, मिला सर्टिफिकेट

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 20 May 2026 6:25 PM

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गढ़वा के सदर अस्पताल में ट्रेनिंग लेते दुकानदार. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: गढ़वा सदर अस्पताल में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कैटरिंग और रिटेल दुकानदारों के लिए फॉस्टैक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों, स्वच्छता और सुरक्षित पैकिंग की जानकारी दी गई तथा सफल प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा के प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन, गढ़वा की ओर से सदर अस्पताल सभागार में कैटरिंग व्यवसायियों और रिटेल दुकानदारों के लिए एकदिवसीय फॉस्टैक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दुकानदारों और खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देना था. कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण पूरा करने वाले दुकानदारों के बीच प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए.

सिविल सर्जन ने बताया सुरक्षित भोजन का महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी ने लोगों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थों की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है. उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता वाले भोजन के कारण लोग कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इसलिए खाद्य सामग्री की शुद्धता और स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने दुकानदारों से नियमों का पालन करने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की अपील की.

बिना लाइसेंस कारोबार नहीं करने की चेतावनी

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएस सिंह ने कहा कि जिले में कोई भी दुकानदार बिना खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य व्यवसाय संचालित नहीं करे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि विभाग लगातार निरीक्षण और निगरानी कर रहा है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. उन्होंने दुकानदारों से समय पर लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की.

प्रशिक्षण में दी गई खाद्य सुरक्षा कानून की जानकारी

प्रशिक्षण सत्र के दौरान ट्रेनर राकेश कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित विभिन्न मानकों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने दुकानदारों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, तैयारी और बिक्री के तरीके समझाए. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सफल प्रतिभागियों को अभिहित अधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री द्वारा फॉस्टैक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा कार्यालय से विवेक तिवारी, संतोष कुमार, ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट के जिला समन्वयक दीपू कुमार साव, ब्लॉक समन्वयक मदन कुमार और ओमप्रकाश सहित कई लोग मौजूद रहे.

दुकानदारों के लिए गाइडलाइन

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों और कैटरिंग व्यवसायियों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए. अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए. दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि खाद्य सामग्री बनाते समय हेडकैप, एप्रॉन और ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा. इसके अलावा तलने में इस्तेमाल किए जाने वाले तेल का उपयोग तीन बार से अधिक नहीं करने की सलाह दी गई.

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अखबार और सामान्य प्लास्टिक पर रोक

प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थों की पैकिंग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए. अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि खाद्य सामग्री की पैकिंग के लिए अखबार या सामान्य प्लास्टिक कंटेनर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है. दुकानदारों को केवल फूड ग्रेड पैकिंग मैटेरियल का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया. साथ ही कार्बाइड युक्त फलों की बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लगाने की बात कही गई. अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर केवल निर्धारित मात्रा में फूड ग्रेड रंगों का ही उपयोग किया जाना चाहिए. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से खाद्य कारोबारियों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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