लाभुकों की समस्याओं को समझ कर ही बनायी जा सकती है प्रभावी नीति : स्वाति शर्मा

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लाभुकों की समस्याओं को समझ कर ही बनायी जा सकती है प्रभावी नीति : स्वाति शर्मा

9 गुम 16 में संयुक्त सचिव साथ में जिले के अधिकारी | Prabhat Khabar Network

संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने गुमला में मनरेगा और आजीविका योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने लाभुकों की समस्याओं को समझकर प्रभावी नीति बनाने पर जोर दिया।

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प्रतिनिधि, गुमलाग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने गुरुवार को गुमला जिले का दौरा कर ग्रामीण विकास, मनरेगा और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की. उनके साथ जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीइओ) अनन्य मित्तल, मनरेगा के अतिरिक्त आयुक्त सह उप सचिव वीबी जी-राम-जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. संयुक्त सचिव ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम), बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास योजना और जलदूत समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली.

उन्होंने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन, रोजगार उपलब्धता, कूप निर्माण, पौधरोपण, लंबित भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर चर्चा की. संयुक्त सचिव ने कहा कि धरातल पर कार्य करने वाले कर्मियों और लाभुकों की समस्याओं को समझ कर ही प्रभावी नीति बनायी जा सकती है. उन्होंने तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाइयों को मंत्रालय तक पहुंचाने की अपील करते हुए समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया. उन्होंने शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित करने और इच्छुक श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर निगरानी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया. बैठक में अबुआ आवास योजना की प्रगति और लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गयी. साथ ही ग्रामीण विकास योजनाओं को आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ.

रागी प्रोसेसिंग सेंटर में महिलाओं के प्रयासों से हुईं प्रभावित संयुक्त सचिव ने सदर प्रखंड के करौंदी स्थित रागी प्रोसेसिंग सेंटर का निरीक्षण किया. उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों से बातचीत कर रागी उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन की जानकारी ली. महिलाओं ने बताया कि केंद्र का वार्षिक कारोबार करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और समूह से जुड़ी कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. उनकी मासिक आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. संयुक्त सचिव ने जोहार रागी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतर विपणन रणनीति तैयार करने, नये बाजारों तक पहुंच बनाने और गुणवत्ता जांच के लिए रागी टेस्टिंग लैब स्थापित करने की आवश्यकता बतायी.

तेलगांव ग्रामसभा में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएंसंयुक्त सचिव ने तेलगांव पंचायत में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना, पौधरोपण और सिंचाई कार्यों का निरीक्षण किया. पंचायत भवन में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, सिंचाई सुविधा और मनरेगा भुगतान से जुड़ी समस्याएं रखीं. उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिये. दौरे के क्रम में उन्होंने गुमला हाट और पलाश आजीविका दीदी कैफे का भी भ्रमण किया. महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, स्थानीय उत्पादों के विपणन और उद्यमिता मॉडल की उन्होंने सराहना की. मौके पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस शैलेंद्र जारिका, बीडीओ अशोक कुमार चोपड़ा आदि उपस्थित थे.


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