Palamu: किशुनपुर को ओपी से बना दिया गया पिकेट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 20 May 2026 9:42 PM

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किशुनपुर ओपी का बोर्ड

Palamu: पलामू में किशुनपुर ओपी को पिकेट में तब्दील किए जाने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है. स्थानीय लोगों ने फैसले का विरोध करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने की आशंका जताई है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

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रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट
Palamu: पलामू जिले के किशुनपुर ओपी को पिकेट बना दिया गया. प्रशासनिक आदेश के बाद गेट और बोर्ड पर ओपी हटाकर पिकेट दर्ज कर दिया गया. इससे इलाके के लोगों में काफी रोष है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ओपी के बाद थाना बनने की उम्मीद थी, लेकिन किस स्थिति में ओपी से पिकेट बनाया गया, यह समझ से परे है. थाना बनने का सपना स्थानीय लोगों का पूरा नही हो पाया.

राधाकृष्ण किशोर के प्रयास से हुई थी पिकेट की स्थापना

राज्य के वित सह संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर तत्कालीन विधायक थे. विष्णुदयाल राम डीजीपी थे. नावाजयपुर व किशुनपुर पुलिस पिकेट मंत्री श्री किशोर के प्रयास से ही स्थापित हुआ है. इसके बाद वर्ष 2016 में अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र चेतमा में मंत्री श्री किशोर व सांसद विष्णु दयाल राम द्वारा ही पिकेट स्थापित हुआ है. बुधवार को स्थानीय लोगों ने बोर्ड पर किशुनपुर ओपी स्थान पिकेट लिखा हुआ देखा. मालूम हो कि पाटन उग्रवाद से पूरी तरह से प्रभावित था. कई प्रमुख घटनाएं भी हुई थी.

2009 में बना था किशुनपुर पिकेट

पाटन थाना का क्षेत्रफल काफी लंबा है. पूरब में मनातू उतर में छतरपुर पश्चिम में विश्रामपुर, दक्षिण में सदर व लेस्लीगंज था. पाटन से पड़वा को ओपी बनाया गया. इसके बाद पड़वा को थाना बनाया गया. इसके बावजूद भी पाटन थाना क्षेत्रफल में अपराध व उग्रवाद को लेकर पुलिस के लिए परेशानी होती थी. पुलिस के समक्ष उग्रवाद पर काबू पाना चुनौती बना था. इसी उद्देश्य से वर्ष 2007 में नावाजयपुर और वर्ष 2009 में किशुनपुर में पुलिस पिकेट स्थापित किया गया. वर्ष अप्रैल 2015 में नावाजयपुर थाना बनाया गया. इसमें पंचायत को शामिल किया गया.

2018 में किशुनपुर बना ओपी

इधर वर्ष 2009 से 2017 तक किशुनपुर में पुलिस पिकेट रहा. जिसे वर्ष 2018 में पलामू के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा किशुनपुर पुलिस पिकेट को अस्थायी ओपी के रूप अपग्रेड करते हुए उद्घाटन किया था. तभी से ओपी प्रभारी के पद सअनि की पदस्थापना किया जाता था, लेकिन पूर्व एसपी रीष्मा रमेसन ने पुअनि को प्रभारी बनाया. जिससे लोगों उम्मीदें जगी थी कि किशुनपुर भी थाना बन जायेगा, लेकिन अचानक बुधवार को किशुनपुर ओपी के स्थान पर पिकेट लिखा हुआ देखा गया. इसके बाद लोगों में नाराजगी देखा जा रहा है.

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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