ePaper

New Criminal Law: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एक जुलाई से कोर्ट में होंगे मान्य, बदल जायेंगे ये कानून

Updated at : 28 Jun 2024 9:37 AM (IST)
विज्ञापन
New Criminal Law: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एक जुलाई से कोर्ट में होंगे मान्य, बदल जायेंगे ये कानून

New Criminal Law: नये कानून में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को ‘दस्तावेज’ जबकि इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त बयान को ‘साक्ष्य’ के रूप में परिभाषित किया गया है. इससे इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी स्वीकार्यता और वैधता मिल गयी है.

विज्ञापन

New Criminal Law: पटना. एक जुलाई से लागू हो रहे तीन नये कानूनों में से एक भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कोर्ट में दस्तावेज के रूप में मान्य होंगे. नये कानून में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को ‘दस्तावेज’ जबकि इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त बयान को ‘साक्ष्य’ के रूप में परिभाषित किया गया है. इससे इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी स्वीकार्यता और वैधता मिल गयी है.

थाना स्तर पर दी जा रही नये कानून की जानकारी

बिहार पुलिस ने मुख्यालय से लेकर थाना स्तर के पुलिस पदाधिकारियों को नये कानूनों की इसकी जानकारी दे दी है. बताया है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में दस्तावेजों की परिभाषा का विस्तार करते हुए इसमें इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकार्ड, इ-मेल, सर्वर लॉग्स, कंप्यूटर पर उपलब्ध दस्तावेज, स्मार्टफोन या लैपटॉप के संदेश, वेबसाइट और लोकेशनल साक्ष्य को भी शामिल किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिक साक्ष्य के रूप में मानने के लिए और अधिक मानक जोड़े गये हैं.

स्मार्टफोन से घटनास्थल की रिकॉर्डिंग, लैपटॉप से इ-फाइलिंग

नये कानून के लागू होने पर अभियुक्तों पर लगे आरोप प्रमाणित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों की अहमियत बढ़ जायेगी. इससे न्यायालय के स्तर परनिर्णय लेने में आसानी और फैसले में कम समय लगने की उम्मीद है. राज्य भर के पुलिसकर्मियों को नये कानूनों के अनुरूप डिजिटल बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्य भी लगभग पूरा हो गया है.

Also Read: Electricity In Bihar: नबीनगर सुपर थर्मल के विस्तार को मंजूरी, 800 मेगावाट की लगेंगी तीन नयी इकाइयां

स्मार्टफोन और लैपटॉप से लैस पुलिसकर्मी

सभी जांच पदाधिकारी स्मार्टफोन और लैपटॉप से लैस किया जा रहा है. पुलिस पदाधिकारियों को स्मार्टफोन की मदद से घटनास्थल पर वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ, गवाहों के बयान आदि के माध्यम से साक्ष्य इकट्ठा करना होगा. साथ ही लैपटॉप की मदद से पुलिस नेटवर्क और न्यायिक नेटवर्क से जुड़ने की सुविधा मिलेगी. इससे कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाले लंबे समय की भी बचत होगी.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन