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NEET Paper Leak: बिहार में पेपर लीक करनेवालों की जब्त होगी संपत्ति, ब्योरा खंगालने में जुटी EOU

Updated at : 04 Jul 2024 9:04 AM (IST)
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NEET Paper Leak: बिहार में पेपर लीक करनेवालों की जब्त होगी संपत्ति, ब्योरा खंगालने में जुटी EOU

NEET Paper Leak: बिहार सरकार नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के सभी मुख्य आरोपियों की संपत्ति जब्त करने जा रही है. ईओयू सभी प्रमुख सेटरों ( परीक्षा माफिया) की संपत्ति का ब्योरा जमा करके इन पर आय से अधिक संपत्ति (डीए) का मामला दर्ज करते हुए इनकी संपत्ति जब्त की जाएगी.

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NEET Paper Leak: पटना. नीट पेपर लीक समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के सभी मुख्य आरोपियों की संपत्ति की जांच ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) के स्तर से शुरू हो गई है. सभी प्रमुख सेटरों ( परीक्षा माफिया) की संपत्ति का ब्योरा जमा करके इन पर आय से अधिक संपत्ति (डीए) का मामला दर्ज करते हुए इनकी संपत्ति जब्त की जाएगी. हाल में पटना में सेटरों के तीन-चार स्थानों पर हुई छापेमारी में बड़ी संख्या में चेक, पासबुक, वित्तीय लेने-देन और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं. जमीन-जायदाद से जुड़े कागजात भी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के साथ मिले हैं. इनकी जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं.

ईओयू के रेडार पर कई नाम

विभागीय जानकारी के अनुसार ईओयू के रेडार पर संजीव मुखिया एवं उसका बेटा डॉ. शिव, चिंटू, रॉकी, अमित, अंशुल, बिजेंद्रजें प्रसाद गुप्ता, अखिलेश समेत तमाम बड़े सरगना शामिल हैं. फिलहाल इनमें कुछ चुनिंदा सरगनाओं को चिन्हित करके इनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसके लिए इन सरगनाओं की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है. राज्य स्तरीय दोनों प्रमुख प्रतियोगिता परीक्षाओं सिपाही और शिक्षक बहाली पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गैंग ही है. इसकी संलिप्तता नीट पेपर लीक में भी सामने आई है. इससे पहले भी कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का वह आरोपी रहा है.

एकत्र किया जा रहा है संपत्ति का ब्योरा

नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई के पास चली गई है, लेकिन सिपाही बहाली पेपर लीक और तीसरे चरण की बीपीएससी शिक्षक बहाली पेपर लीक जैसे कुछ अन्य मामलों की जांच अब भी ईओयू के पास है. ऐसी स्थिति में ईओयू उसके तथा अन्य बड़े सेटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम सेटरों और इनके परिजनों एवं करीबियों के बैंक खातों से लेकर निवेश के सभी माध्यमों एवं स्थानों का पता लगा रही है.

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बिहार के बाहर भी काफी निवेश

कुछ बड़े सेटरों ने बिहार के बाहर भी काफी निवेश कर रखा है, इसकी जांच अलग से चल रही है. इनके स्वयं और परिवार के आय के वास्तविक और वैध स्रोत क्या हैं? इन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कितनी संपत्ति जमा की है? संपत्ति की खरीद पिछले कितने वर्षों में की गई है, किस वर्ष में कौन-कौन एवं कितनी चल एवं अचल संपत्ति अर्जित की गई है, इस सभी बातों की जानकारी खासतौर से जुटाई जा रही है. चिंटू और संजीव मुखिया के बारे में जानकारी मिली है कि इन्होंने जमीन और फ्लैट में अपनी पत्नी के अलावा कुछ अन्य करीबियों के नाम से काफी निवेश कर रखा है. ऐसी जानकारियों की मदद से इनकी अवैध संपत्ति का पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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