पटना: आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व कार्यपालक अभियंता और परिवार की 1.14 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त

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निगरानी विभाग

Corruption Case Bihar : पटना की निगरानी विशेष अदालत ने पथ निर्माण विभाग के पूर्व कार्यपालक अभियंता अवधेश कुमार सिंह और उनके परिवार की 1.14 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को राज्यसात करने का आदेश दिया है. फ्लैट, बैंक जमा, एफडी, शेयर और अन्य निवेश को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी.

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Corruption Case Bihar : पथ निर्माण विभाग, पटना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अवधेश कुमार सिंह और उनके परिवार की अवैध रूप से अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों को राज्यसात करने का आदेश विशेष अदालत ने दिया है. पटना के अधिकृत पदाधिकारी सह निगरानी के विशेष न्यायाधीश ने गुरुवार को एक करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों को जब्त करने का फैसला सुनाया.

एक माह के भीतर संपत्तियां सौंपने का निर्देश

विशेष अदालत ने अवधेश कुमार सिंह और उनके परिवार को एक माह के भीतर चिन्हित चल एवं अचल संपत्तियां पटना के जिलाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है. निर्धारित अवधि में संपत्तियां नहीं सौंपे जाने पर जिलाधिकारी अपने स्तर से जब्ती की कार्रवाई करेंगे.

घूस लेते हुए सीबीआई ने किया था गिरफ्तार

मामले के विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 में सीबीआई की टीम ने अवधेश कुमार सिंह को 2.5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इसके बाद मामला दर्ज किया गया. वर्ष 2010 में बिहार सरकार के आदेश पर विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया.

जांच में सामने आई अवैध कमाई

अनुसंधान के दौरान आय से अधिक संपत्ति रखने के साक्ष्य मिलने पर वर्ष 2016 में विशेष कानून की धारा-5 के तहत संपत्तियों को जब्त करने के लिए अधिकृत पदाधिकारी की अदालत में आवेदन दायर किया गया था. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने संपत्तियों को राज्यसात करने का आदेश दिया.

पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम की संपत्तियां भी होंगी जब्त

विशेष अदालत ने अवधेश कुमार सिंह के अलावा उनकी पत्नी अल्पना सिंह, पुत्री स्नेहा और पुत्र के नाम पर दर्ज संपत्तियों को भी जब्त करने का आदेश दिया है. अदालत ने उभय पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

फ्लैट, ऑफिस, बैंक जमा और निवेश शामिल

जब्त की जाने वाली संपत्तियों में एमबीएन पार्क स्थित दो फ्लैट, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एक फ्लैट, बोरिंग रोड में दो कार्यालयीय स्थल, नकद राशि, विभिन्न बैंकों में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर, किसान विकास पत्र और एनएससी शामिल हैं. कुल मिलाकर एक करोड़ 14 लाख रुपये की चल एवं अचल संपत्तियों को जब्ती के लिए चिन्हित किया गया है.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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