असम में शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे पर पिता ने उठाया सवाल, बोले- माता-पिता के अधिकारों की भी हो रक्षा
अपनी बात रखते हुए शहीद शुभम कुमार के पिता
Martyr Shubham Kumar News: जहानाबाद के बनवरिया गांव निवासी शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की शहादत के बाद मुआवजे और सरकारी लाभ के वितरण को लेकर विवाद सामने आया है. शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने लाभार्थी चयन पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग की है. प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है.
Martyr Shubham Kumar News: (अशोक कुमार की रिपोर्ट) जहानाबाद जिले के बनवरिया गांव निवासी शहीद वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की विमान दुर्घटना में शहादत के बाद अब मुआवजे और सरकारी लाभों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं श्रेया राय नामक युवती को दी जा रही हैं, जिन्हें अधिकारियों द्वारा शुभम कुमार की पत्नी बताया जा रहा है.
पत्नी होने के दावे पर पिता ने उठाए सवाल
अमरेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि श्रेया राय वास्तव में उनके पुत्र की पत्नी हैं, तो वह परिवार के साथ क्यों नहीं रह रही हैं. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि शहीद के माता-पिता होने के नाते उन्हें भी सरकारी सहायता और मुआवजे में अधिकार मिलना चाहिए.
पारदर्शिता के साथ लाभ वितरण की मांग
शहीद के पिता ने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया है कि लाभार्थी के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा शहीद के परिवार के सभी पात्र सदस्यों के हितों का ध्यान रखा जाए. उनका कहना है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे.

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मुआवजे और अन्य सरकारी लाभों को लेकर उठे इस विवाद के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है.
असम विमान हादसे में हुए थे शहीद
हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव के रहने वाले भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार असम में हुए विमान हादसे में शहीद हो गए थे. शनिवार को जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह दर्दनाक हादसा हुआ था. जिसमें शुभम समेत पांच वायुसेना कर्मियों ने देश सेवा के दौरान शहीद हुए थे.
नोट: यह समाचार शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी मांगों पर आधारित है. मामले में संबंधित पक्षों और प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है.
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लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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