बिहार में गेस्ट टीचर की भर्ती का नया फॉर्मूला, जानें कैसे 100 अंकों पर बनेगी मेरिट, शिक्षा विभाग का फैसला

Edited by Paritosh Shahi
Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक फोटो

Bihar 211 New Degree Colleges Teacher Recruitment: बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए फिक्स्ड-टर्म शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी शुरू हो गई है. 13 कॉलेजों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम भी लागू होगा, जिसके तहत छात्रों को पढ़ाई के साथ हर महीने 12,300 रुपये तक का स्टाइपेंड मिलेगा.

विज्ञापन

Bihar 211 New Degree Colleges Teacher Recruitment: बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और हाल ही में मंजूर किए गए 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्यपाल सचिवालय ने एक बड़ा कदम उठाया है. नई व्यवस्था के तहत बिहार लोक भवन एक फिक्स्ड-टर्म के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करेगा. इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को सौंप दी है, जिस पर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से 10 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं.

6 मुख्य विषयों में होगी नियुक्ति

शुरुआती प्रारूप के अनुसार, यह टेम्पररी नियुक्तियां मुख्य रूप से छह विषयों में की जाएंगी, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं. इसका मकसद यह है कि जब तक इन 211 नए डिग्री कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

आवेदक के पास संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. यूजीसी नेट (NET) या इसके समकक्ष पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी है. हालांकि, यूजीसी के नियमों के तहत पीएचडी धारकों को इस पात्रता में तय छूट दी जाएगी.

100 अंकों पर बनेगी मेरिट, प्रति सप्ताह लेनी होंगी 16 कक्षाएं

इस भर्ती के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अभ्यर्थियों को एक पोर्टल के जरिए फॉर्म भरना होगा. चयन के लिए कुल 100 अंक तय किए गए हैं, जिसमें से 88 अंक अभ्यर्थी की एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर मिलेंगे, जबकि बाकी 12 अंक इंटरव्यू और क्लास परफॉर्मेंस के लिए रखे गए हैं.

चयनित शिक्षकों को हर हफ्ते कम से कम 16 कक्षाएं लेना अनिवार्य होगा. यह नौकरी पूरी तरह अस्थायी होगी और हर कार्यकाल के बाद शिक्षकों के काम का मूल्यांकन करके आगे का फैसला लिया जाएगा. इन शिक्षकों को साल में 12 दिन का कैजुअल लीव और 8 दिन का मेडिकल लीव भी मिलेगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

13 कॉलेजों में लागू होगा एईडीपी, छात्रों को हर महीने मिलेंगे 12300

बिहार के 13 अंगीभूत महाविद्यालयों से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. नए शैक्षणिक सत्र से इन कॉलेजों में ‘अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम’ (AEDP) लागू होने जा रहा है. इस प्रोग्राम के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों को अप्रेंटिसशिप के दौरान हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा.

लोकभवन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई, जिसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने हैदराबाद की संस्था सीआरआइएसपी (CRISP) के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है. यह एक 4 साल का डिग्री कोर्स होगा, जिसमें 75 प्रतिशत किताबी ज्ञान और 25 प्रतिशत इंडस्ट्री से जुड़ा स्किल सिखाया जाएगा. बैठक में उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन और सीआरआइएसपी के स्टेट हेड बैद्यनाथ यादव भी मौजूद रहे.

इस नए प्रोग्राम के तहत छात्रों के लिए अलग-अलग फैकल्टी में कई तरह के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं. साइंस फैकल्टी के तहत बीएन कॉलेज और कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस में बीएससी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मगध महिला कॉलेज में बीएससी हेल्थकेयर मैनेजमेंट की पढ़ाई होगी. कॉमर्स फैकल्टी में गंगा देवी महिला कॉलेज, जेडी वीमेंस कॉलेज पटना, लक्ष्मी नारायण दूबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज और राज नारायण कॉलेज में बीकॉम बीएफएसआइ कोर्स शुरू किया जा रहा है.

इसके अलावा जेडी वीमेंस कॉलेज, लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज और भागलपुर नेशनल कॉलेज में बीकॉम रिटेल ऑपरेशन्स तथा राज नारायण कॉलेज और भागलपुर नेशनल कॉलेज में ई-कॉमर्स कोर्स चलाया जाएगा. आर्ट्स फैकल्टी की बात करें, तो लक्ष्मी नारायण दूबे कॉलेज में बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग का विशेष पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें: पिस्टल, फेसबुक लाइव और ताबड़तोड़ फायरिंग, जानिए भरत तिवारी एनकाउंटर की पूरी कहानी

भरत तिवारी के एनकाउंटर को बिहार के शिक्षा मंत्री ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन