भरत तिवारी के एनकाउंटर को बिहार के शिक्षा मंत्री ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था

Edited by Paritosh Shahi
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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पूरा एनकाउंटर करने के बजाय हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था.

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Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. इस पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर में एक चौंकाने वाला बयान दिया है.

मंत्री ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जिस युवक का एनकाउंटर हुआ, उसने सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार किया था जो बिल्कुल सही नहीं था. लेकिन पुलिस को कार्रवाई से पहले उसका आपराधिक बैकग्राउंड चेक करना चाहिए था. अगर एनकाउंटर बहुत जरूरी भी था, तो यह पूरा एनकाउंटर होने के बजाय हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था.

फेसबुक लाइव आकर पुलिस को दी थी चुनौती

यह वारदात भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुई. मुठभेड़ से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बिलौटी गांव का रहने वाला 30 साल का भरत तिवारी एक हाथ में लोडेड पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर फेसबुक पर लाइव था.

वह अपने घर की छत पर खड़ा होकर लगातार पुलिस को ललकार रहा था और खुलेआम हथियार लहरा रहा था. पुलिस की घेराबंदी के बीच उसने फेसबुक पर दो से तीन वीडियो लाइव ब्रॉडकास्ट किए और फिर किसी तरह घर से भागकर गांव के बाहर खेतों की तरफ निकल गया.

दोनों पैरों में लगी थीं 4 गोलियां, चलीं 15 से ज्यादा राउंड

एसपी राज ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस को खबर मिली थी कि भरत तिवारी हथियार लहराकर हवाई फायरिंग कर रहा है. इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने उसे बार-बार सरेंडर करने के लिए समझाया, लेकिन वह रुका नहीं और पुलिस पर लगातार रुक-रुक कर गोलियां चलाता रहा.

हालात बिगड़ते देख बुलेटप्रूफ जैकेट पहने एसटीएफ के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरा. जब वह नहीं माना तो पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जो भरत के दोनों पैरों के घुटने और जांघ के हिस्से में लगीं. इस दौरान आरोपी की तरफ से 8-10 राउंड और पुलिस की तरफ से 4-5 राउंड फायरिंग हुई. पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखा बरामद किया है.

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इलाज के दौरान पीएमसीएच में तोड़ा दम

गोली लगने से घायल भरत को पुलिस तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल, आरा लेकर गई. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पीएमसीएच (PMCH) पटना रेफर कर दिया. पटना में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी पुलिस विभाग से बतौर चालक सिपाही रिटायर हो चुके हैं.

पुलिस ने इस घटना से ठीक एक दिन पहले अपने बयान में कहा था कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे गिरफ्तार कर उसका इलाज कराया जाएगा. भरत एक साल पहले भी पुलिस अफसर से उलझने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल जा चुका था.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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