Bihar: जेल में बंद गरीब कैदियों के बाहर आने का रास्ता साफ, जमानत राशि देगी अब बिहार सरकार
Published by : Ashish Jha Updated At : 01 Jul 2025 7:23 AM
Jail
Bihar: विभाग के अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय समिति गठित होगी. समिति में विधि विभाग के सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, जेल आईजी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रा र जनरल को सदस्य बनाया गया है.
Bihar: पटना. जुर्माना राशि भर पाने में सक्षम नहीं होने की वजह से राज्य की विभिन्न जेलों में बंद गरीब कैदियों की राज्य सरकार मदद करेगी. सरकार इन कैदियों की जमानत राशि का प्रबंध कराते हुए उनको जेल से बाहर निकालने का काम करेगी. गरीब कैदियों के समर्थन में लागू इस योजना की नई गाइडलाइन लागू की गई है. इसको लेकर गृह विभाग ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया है.
ऐसे कैदियों की जानकारी देंगे जेल अधीक्षक
निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक न्यायालय से किसी कैदी की जमानत मंजूर होने के सात दिन बाद भी उसकी रिहाई नहीं होने पर जेल प्रशासन इसकी सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को देगी. प्राधिकरण के सचिव यह जांच करेंगे कि उस कैदी को वित्तीय मदद की आवश्यकता है या नहीं. इसके लिए प्रोबेशन अधिकारी या सिविल सोसाइटी के सदस्यों की मदद ली जा सकेगी. जांच प्रक्रिया 10 दिन के अंदर पूरी करनी होगी.
प्रति कैदी अधिकतम 40 हजार देगी सरकार
प्राधिकार के सचिव दो से तीन हफ्ते के अंदर ऐसे सभी मामले जिला स्तरीय समिति के समक्ष रखेंगे. विचाराधीन कैदी के मामले में यह समिति प्रति कैदी अधिकतम 40 हजार तक की राशि निकासी और संबंधित कोर्ट में उसके भुगतान की मंजूरी देगी. दोषी करार कैदियों के मामले में यह राशि 25 हजार होगी. जमानत राशि इससे अधिक होने पर उसकी मंजूरी के लिए राज्यस्तरीय निगरानी कमेटी को भेजा जाएगा. भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, एनडीपीएस और असामाजिक कार्यों में संलग्न रहे कैदियों को मदद नहीं मिलेगी.
पांच सदस्यीय जिला स्तरीय समिति का होगा गठन
राज्यस्तर पर गृह सचिव और जिले में डीएम की अध्यक्षता में समिति बनेगी प्रावधान के मुताबिक योजना को लेकर राज्य स्तर पर निगरानी समिति, जबकि जिला स्तर पर अधिकार प्राप्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है. पांच सदस्यीय जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति में संबंधित जिले के डीएम और कैदियों को चिह्नित करने के लिए सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि, समाजसेवी, जिला प्रोबेशन अधिकारी की मदद ली जाएगी. विभाग के अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय समिति गठित होगी. समिति में विधि विभाग के सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, जेल आईजी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रा र जनरल को सदस्य बनाया गया है.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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