पाव भर शराब वालों को मत पकड़ो… जीतन राम मांझी का बयान-बड़े तस्करों को मिल रहा बाईपास

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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

Bihar Politics: बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई और कानून के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे स्तर पर शराब रखने या पीने वालों को पकड़ना गलत है, जबकि बड़े तस्कर खुलेआम बच निकलते हैं.

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Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी ही गठबंधन सरकार की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मांझी ने कहा है कि जो लोग शांतिपूर्वक पाव भर (250ml) शराब लेकर अपने घर जा रहे हैं या अतिथियों के लिए ले जा रहे हैं, पुलिस उन्हें परेशान करना बंद करे.

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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छोटे लोगों को जेल भेज रही है, जबकि हजारों लीटर का काला कारोबार करने वाले बड़े माफियाओं को ‘बाईपास’ दे दिया जाता है.

छोटे शिकार, बड़े फरार

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का ने कहा कि शराबबंदी नीति अच्छी है, लेकिन इसे लागू करने का तरीका पूरी तरह दोषपूर्ण है. मांझी के अनुसार, आज बिहार की जेलों में लाखों गरीब लोग बंद हैं, जो सिर्फ थोड़ी मात्रा में शराब के साथ पकड़े गए थे.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असली तस्कर तो पुलिस की नाक के नीचे से निकल जाते हैं और गाज गिरती है केवल उन पर जिनके पास रसूख नहीं है.

चोर मचाए शोर, माफियाओं से लेते हैं चंदा तेजस्वी यादव

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा शराबबंदी को 40 हजार करोड़ की ‘समानांतर अर्थव्यवस्था’ बताने पर मांझी ने पलटवार किया. उन्होंने तेजस्वी के आरोपों को “चोर मचाए शोर” करार देते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उनके अपने लोग ही बालू और शराब माफियाओं से जुड़े हैं.

मांझी ने आरोप लगाया कि राजद के लोग माफियाओं से करोड़ों का चंदा लेते हैं और खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए सरकार को घेर रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि जब-जब उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस नीति की समीक्षा की बात कही है, मुख्यमंत्री ने उस पर सकारात्मक रुख दिखाया है.

नाराजगी नहीं, लेकिन न्याय की उम्मीद

मांझी ने राज्यसभा की खाली सीटों और आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों पर भी अपनी बेबाक राय रखी. राज्यसभा की सीट हम (HAM) को न मिलने पर उन्होंने कहा कि वे अपनी मांग एनडीए के सामने मजबूती से रखेंगे.

मांझी ने स्पष्ट किया कि मांग रखने का मतलब एनडीए से नफरत करना नहीं है. उन्हें पूरा विश्वास है कि उन्हें न्याय मिलेगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति में वे फिर से बिहार की कमान संभालेंगे, तो उन्होंने इसे ‘हाइपोथेटिकल’ सवाल बताते हुए कहा कि एनडीए का जो भी निर्णय होगा, वे उसका स्वागत करेंगे.

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