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Bihar Police: अब शिकायतकर्ता की भाषा में मिलेगी एफआईआर की कॉपी, यहां जानिए NCRB का आदेश

Updated at : 09 Oct 2025 11:38 AM (IST)
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Now the copy of FIR will be available in 23 languages

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Police: अब थाने में केस दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता को एफआईआर की कॉपी उनकी ही भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी. अब तक एफआईआर की कॉपी हिंदी, अंग्रेजी या राज्य की कुछ क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराई जा रही थी. अब शिकायतकर्ता को कुल 23 भाषाओं में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध होगी.

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Bihar Police: अब थाने में केस दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता को एफआईआर की कॉपी उनकी ही भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी. अब तक एफआईआर की कॉपी हिंदी, अंग्रेजी या राज्य की कुछ क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराई जा रही थी.

अपनी भाषा में मिलेगी एफआईआर की कॉपी

अब पुलिस शिकायतकर्ता को उनकी ही भाषा में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे, चाहे उनकी भाषा मैथिली, संथाली हो या नेपाली. इस संबंध में एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के निदेशक आईपीएस आलोक रंजन ने बिहार सहित सभी राज्यों की पुलिस को पत्र लिखा है.

शिकायतकर्ता से पूछी जाएगी भाषा

पत्र में यह भी कहा गया है कि थाना पर केस दर्ज कराने पहुंचे शिकायतकर्ता से पूछा जाएगा कि वे किस भाषा में एफआईआर की कॉपी चाहते हैं. उसके बाद उनके बताए भाषा में ही उन्हें कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी. जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता को कुल 23 भाषाओं में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध होगी.

इन भाषाओं में मिलेगी FIR की कॉपी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक उन भाषाओं में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मैथिली, संथाली, नेपाली, असमी, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल हैं.

एनसीआरबी के एडीजी ने लिखा पत्र

इस बाबत एनसीआरबी के एडीजी ने बिहार के सभी जिलों को पत्र लिखा है. इसके अलावा जिलों के एसपी और सभी रेंज के आईजी एवं डीआईजी को यह सुनिश्चित कराने को कहा गया है कि शिकायतकर्ता को उक्त किसी भी भाषा में एफआईआर की कॉपी उपलब्ध होनी चाहिए.

डेवलप किया गया भाषा अनुवादक भाषिणी

बता दें कि थानों में सीसीटीएनएस के तहत ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान पहले से है. एनसीआरबी ने क्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर के तहत एआई द्वारा संचालित भाषा अनुवादक भाषिणी को डेवलप किया है. भाषिणी के तहत ही एफआईआर की कॉपी का इन 23 में से किसी भी भाषा में अनुवाद किया जाएगा. क्राई-मैक की साइट पर भाषिणी को ओपन करते ही सभी भाषाओं का विकल्प सामने आता है.

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किया जाएगा अनुवाद

उनमें से किसी भी भाषा पर क्लिक करके उस एफआईआर का अनुवाद किसी चिह्नित भाषा में कर दिया जाएगा. फिर उस कॉपी का प्रिंट शिकायतकर्ता को पुलिस उपलब्ध करा देगी. क्राई-मैक की सुविधा सभी थानों को पहले से ही उपलब्ध कराई जा चुकी है इसलिए अनुवाद करना आसान होगा.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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