बिहार में कम हो रहा लोगों का कद, 41 फीसदी बच्चों में पाया गया बौनापन

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Bihar News: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर बच्चों की हुई माप में यह बात सामने आयी है. आंगनबाड़ी केन्द्रों से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जिला वार रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों का कद तुलनात्मक रूप से छोटा होता दिख रहा है.
Bihar News: पटना. बिहार में लोगों का कद छोटा हो रहा है. जीरो से छह वर्ष तक की उम्र के 41 फीसदी बच्चों में बौनेपन की शिकायत है. वहीं जीरो से पांच वर्ष तक के 23 फीसदी बच्चे शारीरिक रूप से कमजोर हैं. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर बच्चों की हुई माप में यह बात सामने आयी है. आंगनबाड़ी केन्द्रों से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जिला वार रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों का कद तुलनात्मक रूप से छोटा होता दिख रहा है.
आधे के करीब बच्चे बौनेपन के शिकार
वृद्धि माप में राज्य भर के एक लाख 14 हजार 935 आंगनबाड़ी केन्द्र को शामिल किया गया था, इसमें एक लाख 11 हजार 199 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को लगाया गया था, इसमें जीरो से छह साल तक के 90 लाख 88 हजार 458 बच्चे शामिल हुए थे. वहीं जीरो से पांच साल तक के 74 लाख 04 हजार 246 बच्चे शामिल हुए. एक से 30 सितंबर तक हर बच्चे की हर सप्ताह वृद्धि माप की गयी. इसमें पाया गया औसतन राज्य के 41 फीसदी बच्चे बौनेपन के शिकार हो रहे हैं.
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अररिया में 49 फीसदी बच्चों में दिखा बौनापन
वृद्धि माप रिपोर्ट की बात करें तो राज्य में अररिया जिले में 49 फीसदी बच्चों में बौनापन पाया गया है. जमुई, औरंगाबाद, समस्तीपुर और शिवहर जिले में 47 फीसदी बच्चे बौनेपन के शिकार हैं. पटना जिले की बात करें तो जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र के चार लाख चार हजार 445 बच्चों की वृद्धि माप की गयी, इसमें 39 फीसदी बच्चों में बौनापन की शिकायत दिखी.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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