बिहार में अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं, ट्रांसफॉर्मर मीटर टैगिंग का काम 3 महीने में होगा पूरा

Updated at : 12 Apr 2026 7:55 AM (IST)
विज्ञापन
work of transformer meter tagging complete in 3 months

ट्रांसफॉर्मर (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Electricity: बिहार में बिजली चोरी पर ब्रेक लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर को मीटर से टैग करने का काम जारी है. यह काम पूरा होने से लगभग 100 करोड़ की बिजली चोरी को रोका जा सकेगा. सिर्फ एक क्लिक से ही पता चल सकेगा कि किस ट्रांसफॉर्मर से चोरी की जा रही है.

विज्ञापन

Bihar Electricity: (अनुपम कुमार, पटना) बिहार में बिजली चोरी को रोकने के लिए नई पहल की गई है. ट्रांसफॉर्मर को मीटर से टैग करने का काम जारी है और यह लगभग 3 महीने से चल रहा है. पेसू इलाके में लगभग 48 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है और अगले तीन महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा.

इस काम के पूरा होने के बाद स्पष्ट जानकारी मिलने से पेसू इलाके में हर साल होने वाली लगभग 100 करोड़ रुपए की बिजली चोरी को पूरी तरह रोकना संभव होगा. राज्य के अन्य जिलों में भी इससे बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और बिजली चोरी करने वालों को ढूंढ़ कर उनसे जुर्माना वसूलने में सुविधा होगी. इससे पावर होल्डिंग कंपनी को रेवेन्यू बढ़ाने में मदद और आर्थिक परेशानी से राहत मिलेगी.

इस तरह बिजली चोरी का चलेगा पता

ट्रांसफॉर्मर से उससे जुड़े सभी कनेक्शन के मीटर को सीधे कनेक्ट कर देने पर किस ट्रांसफॉर्मर से अधिक बिजली चोरी हो रही है, यह एक क्लिक पर स्पष्ट हो जाएगा, क्योंकि जहां कुल बिजली आपूर्ति और कुल खपत यूनिट में जितना अधिक अंतर होगा उतना ज्यादा वहां बिजली चोरी होने की बात प्रमाणित होगी. इससे उस ट्रांसफार्मर से संबंधित इलाके में छापेमारी कर बिजली चोरी करने वालों को रंगे हाथ पकड़ा जा सकेगा.

अधिकतम लोड की भी मिलेगी जानकारी

साथ ही ट्रांसफॉर्मर से मीटर को टैग करने के बाद हर ट्रांसफॉर्मर पर अधिकतम लोड 24 घंटे में किस समय और कितना पहुंचता है, इसकी भी सटीक जानकारी मिल सकेगी. ऐसे में जिन ट्रांसफॉर्मर पर अधिकतम लोड है, उनके लोड को नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर या आसपास के ट्रांसफॉर्मर पर शिफ्ट कर कम किया जा सकता है और उसे जलने से बचाया जा सकेगा.

बिजली चोरी को लेकर खुलासा

पेसू इलाके में 2025-26 में 2150 करोड़ रुपए का राजस्व बिजली बिल से एकत्रित किया गया. यहां के बिलिंग और राजस्व संग्रह से जुड़े अधिकारियों की मानें तो हर साल लगभग पांच प्रतिशत बिजली चोरी चली जाती है. ऐसे में बीते फाइनेंशियल इयर में इसके लगभग 106 करोड़ रुपए होने का अनुमान है.

इनमें सालभर में लगभग तीन करोड़ रुपए पेसू के अलग-अलग डिविजनों में बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी और जुर्माना वसूली से एकत्रित किया जा रहा है. लेकिन बाकी के लगभग 103 करोड़ रुपये राजस्व क्षति का अनुमान है. ऐसे मामलों में टैगिंग का काम पूरा होने के बाद प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है.

Also Read: मुंगेर में पुलिस अफसर की पत्नी ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

विज्ञापन
Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन