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Bihar Bhumi: पटना में एक हफ्ते के अंदर निपट जाएंगे दाखिल-खारिज के सभी मामले, डीएम ने CO को दिया सख्त निर्देश

Updated at : 25 Mar 2025 7:13 AM (IST)
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Bihar Land Survey

Bihar Land Survey (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Bhumi: पटना में दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस के हजारों आवेदन लंबे समय से लंबित हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. सोमवार को समीक्षा बैठक में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को 31 मार्च तक सभी लंबित मामलों के निपटारे का सख्त निर्देश दिया.

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Bihar Bhumi: पटना में दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस के हजारों मामले अब भी लंबित हैं. जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने समीक्षा बैठक में इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए 31 मार्च तक सभी लंबित मामलों को शून्य करने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने साफ किया कि इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

पटना में 21,803 दाखिल-खारिज के आवेदन लंबित

पटना जिले में दाखिल-खारिज से जुड़े कुल 21,803 आवेदन लंबित हैं. इनमें 7,824 मामले 75 दिनों से अधिक समय से अटके पड़े हैं, जबकि परिमार्जन प्लस के तहत 15,149 आवेदन 120 दिनों से लंबित हैं. जिले के कुछ अंचलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जिनमें घोसवरी, पंडारक और बिक्रम अंचल में सभी मामले निपटा दिए गए हैं. वहीं, बिहटा में सबसे अधिक 2,133 आवेदन लंबित हैं. अन्य अंचलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • संपतचक- 1,878 आवेदन
  • दीदारगंज- 1,053 आवेदन
  • दानापुर- 594 आवेदन
  • नौबतपुर- 455 आवेदन

डीएम ने सख्त निर्देश दिया कि जिन अंचलों में 75 दिनों से अधिक समय से मामले लंबित हैं. वहां जिला स्तर पर जांच कराई जाएगी. साथ ही, भूमि सुधार उप समाहर्ता को हर सप्ताह एक अंचल का निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

डीसीएलआर को तेजी से मामलों के निपटारे का आदेश

डीएम ने सभी डीसीएलआर को 90 दिनों से अधिक समय से लंबित बीएलडीआरए कोर्ट के मामलों और 30 दिनों से अधिक समय से लंबित म्यूटेशन अपील को जल्द से जल्द निपटाने का आदेश दिया है. इस अहम बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई. जिले में 15 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) और 335 स्वास्थ्य उप केंद्र (HSC) के निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता है.

  • APHC के लिए- 15,000 वर्गफीट भूमि
  • HSC के लिए- 3,000 वर्गफीट (6 डिसमिल) भूमि

डीएम ने संबंधित विभागों को जमीन चिह्नित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि इन स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण शीघ्र शुरू किया जा सके.

31 मार्च तक लंबित मामलों के निपटारे की तैयारी

जिला प्रशासन अब 31 मार्च की डेडलाइन पर काम कर रहा है, ताकि दाखिल-खारिज और भूमि संबंधित मामलों को तेजी से निपटाया जा सके. डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई अधिकारी देरी करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब देखना होगा कि प्रशासन अपने लक्ष्य को समय पर पूरा कर पाता है या नहीं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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