भारत विभाजन के प्रबल विरोधी थे अबुल कलाम : जगदानंद सिंह

Updated at : 12 Nov 2024 1:28 AM (IST)
विज्ञापन
भारत विभाजन के प्रबल विरोधी थे अबुल कलाम : जगदानंद सिंह

देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती राजद प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को मनायी गयी.

विज्ञापन

संवाददाता, पटना देश के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती राजद प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को मनायी गयी. जगदानंद सिंह ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद कवि, लेखक, पत्रकार, महान स्वतंत्रता सेनानी, महान देशभक्त तथा प्रसिद्ध शिक्षाविद थे. प्रथम शिक्षामंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को प्रतिष्ठित किया. देश की एकता एवं अखंडता की हिमायत की. वे भारत विभाजन के प्रबल विरोधी थे. इस अवसर पर दिवंगत नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब के चित्र पर माल्यार्पण करने वालों में पूर्व मंत्री रामलखन राम रमण, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरूण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, प्रदेश महासचिव संजय यादव आदि शामिल रहे. मौलाना आजाद के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत: अखिलेश सिंह पटना. स्वतंत्रत भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी. इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष डाॅ अखिलेश प्रसाद सिंह ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के विचारों को आत्मसात करने पर बल दिया. इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद प्रख्यात इतिहासकार और गांधीवादी विचारक प्रो इम्तियाज अहमद ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन के प्रत्येक पहलुओं को विस्तार से समझाया. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो रतन लाल ने कहा कि स्कूली शिक्षा तक को वर्तमान दौर की सरकार ने बर्बाद करने का काम किया है. आज सभी समुदायों को और वर्गों को उनके वास्तविक हिस्सेदारी से दूर रखा जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन