कन्हैया को जानकारी का अभाव, शराबबंदी को लेकर उनके विचार से सहमत नहीं : नीतीश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 May 2016 5:59 PM

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार में सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शराबबंदी के मसले पर वह कन्हैया के विचार से असहमत हैं. उन्होंने कहा कि शराब पीना और बेचना कोई मौलिक अधिकार नहीं है. जानकारी के अभाव में कुछ से कुछ कह गये कन्हैया कुमार. नीतीश […]

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार में सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शराबबंदी के मसले पर वह कन्हैया के विचार से असहमत हैं. उन्होंने कहा कि शराब पीना और बेचना कोई मौलिक अधिकार नहीं है. जानकारी के अभाव में कुछ से कुछ कह गये कन्हैया कुमार. नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी का प्रभाव हर जगह है और इसे लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान के बारे में फिलहाल कोई सोच नहीं है लेकिन इस मसले को लेकर कहीं से बुलावा आता है तो वह उसे जरूर स्वीकार करेंगे.

10 मई को जायेंगे धनबाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के एक महिला समूह की ओर से उन्हेंनिमंत्रण मिला है और वह 10 मई को धनबाद जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वहां जाकर शराबबंदी को लेकर आवाज बुलंद करेंगे. मुख्यमंत्री ने महिलाओं के निमंत्रण को स्वीकारने की बात कही और 10 मई से धनबाद जाकर इस मसले को उठाने को अपनी सहमति दी.

भाजपा में बेचैनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को यह नागवार गुजर रहा है कि उससे इतर लोगों को एकजुट किया जा रहा है. सीएम ने कहा कि एकता के लिए एकजुटता जारी रहेगी. शरद पवार के समर्थन पर आभार जता और कहा कि केंद्र की कार्यशैली देश के लिए अशुभ है. मुख्यमंत्री ने अगस्ता वेस्टलैंड की जांच पर कहा कि जांच प्रक्रिया पर केंद्र सरकार कुंडली मारकर बैठी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यों नहीं केंद्र सरकार जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. उन्होंने भाजपा पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया. संसद नहीं चलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी ने देश को उलझाकर रख दिया है.

अगलगी पर जारी एडवाइजरी पर बोले सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगलगी को लेकर जिलाधिकारियों से कारण पूछा और उसके बाद खाना बनाने और हवन करने के संदर्भ में एडवाइजरी जारी किया. जनता का हमें जनादेश मिला है उनकी अपेक्षा है सरकार से. हम किसी की नौकरी करने के लिए नहीं बैठे हैं. उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश कांटों का ताज है यह फूलों का सेज नहीं. जनादेश काम करने के लिए मिलता है.

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