पटना : एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो ने कर ली पढ़ाई, अब डिग्री मिलने में परेशानी
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना कॉलेज का मामला, स्नातक में डिग्री भी मिली अमित कुमार पटना : पटना विश्वविद्यालय में एक ही रजिस्ट्रेशन पर दो विद्यार्थियों ने स्नातक और स्नातकोतर दोनों की पढ़ाई कर ली. अब दो में से एक एमजेएमसी की छात्रा ज्योति कुमारी को डिग्री मिलने में परेशानी हो रही है. वह जब दीक्षांत समारोह में डिग्री […]
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पटना कॉलेज का मामला, स्नातक में डिग्री भी मिली
अमित कुमार
पटना : पटना विश्वविद्यालय में एक ही रजिस्ट्रेशन पर दो विद्यार्थियों ने स्नातक और स्नातकोतर दोनों की पढ़ाई कर ली. अब दो में से एक एमजेएमसी की छात्रा ज्योति कुमारी को डिग्री मिलने में परेशानी हो रही है. वह जब दीक्षांत समारोह में डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रही थी, तो बार-बार उसका आवेदन रिजेक्ट हो जा रहा था. इसी के बाद जब उसने विवि में संपर्क किया, तो उसे पता चला कि रंजीत नाम के एमसीए विभाग के छात्र को यही रजिस्ट्रेशन नंबर मिला हुआ है.
अब चार जनवरी को कन्वोकेशन है और दो जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि. हालांकि उक्त छात्रा कुछ संशोधनों के साथ दीक्षांत समारोह के लिए आवेदन तो ले लिया गया है लेकिन फिलहाल उसे डिग्री नहीं मिल पायेगी क्योंकि उक्त डिग्री में सुधार करनी होगी. नया रजिस्ट्रेशन नंबर एलॉट करना होगा. छात्रा डिग्री को लेकर संशय में है. हालांकि इस बात से उसे संतुष्टि है कि उसे कंवोकेशन में शामिल होने दिया जा रहा है और वह अपने सहपाठियों के साथ डिग्री ले पायेगी.
डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, तो पकड़ में आयी गड़बड़ी
सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों को ही स्नातक में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर डिग्री भी मिल गयी. दोनों ही पटना कॉलेज में एडमिशन लिए हुए थे. छात्रा ज्योति ने 13-17 बैच बीएमसी कोर्स में तो छात्र रंजीत ने भी उसी वर्ष बीसीए में एडमिशन लिया था. विवि के परीक्षा विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी. इसके बाद दूसरा संयोग ऐसा हुआ कि फिर दोनों ने ही पीजी भी इसी विवि से कर ली. दोनों का इस बार भी रिजल्ट जारी हो गया. चूंकि, विवि में एक ही बार रजिस्ट्रेशन होता है. इस बार फिर दोनों का रजिस्ट्रेशन नंबर एक हो गया.
नामांकन के बाद रजिस्ट्रेशन में भी यह पकड़ में नहीं आया. इसके बाद भी सारी परीक्षाएं होती रहीं. दोनों ही विद्यार्थी अपने-अपने विषय से परीक्षा देकर उत्तीर्ण भी हो गये. लेकिन, किसी को कुछ पता नहीं चला. उक्त मामला तब खुला जब छात्रा ज्योति ने पीयू कन्वोकेशन में पीजी की डिग्री प्राप्त करने के लिए के लिए ऑनलाइन आवेदन किया. चूंकि रंजीत की ओर से पहले से उक्त रजिस्ट्रेशन नंबर पर डिग्री के लिए आवेदन किया जा चुका है. ऑनलाइन सिस्टम में ज्योति का आवेदन एक्सेप्ट ही नहीं हो रहा है.
कॉलेज से ही कराना होगा सुधार
उक्त मामला पटना कॉलेज का है. स्नातक में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दोनों छात्रों को दे दिया गया. मैनुअल सिस्टम होने की वजह से वह पकड़ में नहीं आया. कॉलेज से ही छात्रा को सुधार कराना होगा. उसके बाद विवि में भी उसमें सुधार कर दिया जायेगा. सुधार के बाद छात्रा को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. उसे डिग्री मिल जायेगी.
प्रो आरके मंडल, परीक्षा नियंत्रक, पीयू
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