झारखंड में कारोबारियों को बंपर राहत, पेट्रोल पंप और शराब विक्रेताओं को वैट रिटर्न से छूट

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Jharkhand VAT Rules 2006

झारखंड का पेट्रोल पंप और शराब विक्रेता

Jharkhand VAT Rules 2006: झारखंड सरकार ने वैट नियमावली 2006 में संशोधन कर पेट्रोल-डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को तिमाही रिटर्न (JVAT-200) और मासिक सारांश (JVAT-213) दाखिल करने से छूट दे दी है. यह नियम 2 जून 2026 से प्रभावी है, हालांकि होटल और बार संचालकों को यह छूट नहीं मिलेगी.

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रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट

Jharkhand VAT Rules 2006, रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के पेट्रोल-डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को एक बड़ी राहत दी है. सरकार ने ‘झारखंड मूल्यवर्धित कर (वैट) नियमावली, 2006’ में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए इन व्यवसायियों को तिमाही रिटर्न और मासिक सारांश दाखिल करने की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई व्यवस्था 2 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है.

इन खुदरा विक्रेताओं को मिलेगी फॉर्म भरने से राहत

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद नियम 14 के उप-नियम (1) और (3) में किए गए इस संशोधन का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों को मिलेगा:

  • पेट्रोल पंप संचालक: ऐसे रिटेल आउटलेट जो किसी तेल कंपनी के स्वामित्व (Owned) में नहीं हैं और राज्य के भीतर ही पंजीकृत डीलरों से पेट्रोल या हाई स्पीड डीजल खरीदकर बेचते हैं. इन्हें अब फॉर्म जेवीएटी-200 (तिमाही रिटर्न) और फॉर्म जेवीएटी-213 (मासिक सारांश) जमा नहीं करना होगा.
  • शराब विक्रेता: झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) या राज्य के अन्य पंजीकृत थोक विक्रेताओं से विदेशी या देशी शराब खरीदकर खुदरा बिक्री करने वाले दुकानदारों को भी इन दोनों फॉर्मों को भरने से छूट दे दी गई है.

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होटल, रेस्टोरेंट और बार संचालकों को छूट नहीं

वाणिज्य कर विभाग ने अपनी अधिसूचना में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह रियायत सभी पर लागू नहीं होगी. निम्नलिखित संस्थानों को पहले की तरह ही अपना निर्धारित कर विवरण और रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा.

  • होटल और रेस्टोरेंट
  • बार और क्लब
  • माइक्रो ब्रुअरी संचालक

क्या कहते हैं वाणिज्य कर विभाग

“इस ऐतिहासिक संशोधन से कर प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी. इससे व्यापारियों पर अनुपालन (Compliance) संबंधी अतिरिक्त बोझ कम होगा और कागजी कार्रवाई की जटिलताओं से राहत मिलेगी, जिससे राज्य में कारोबार संचालन (Ease of Doing Business) की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी.”
वाणिज्य कर विभाग, झारखंड सरकार

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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