झारखंड में कारोबारियों को बंपर राहत, पेट्रोल पंप और शराब विक्रेताओं को वैट रिटर्न से छूट

Published by : Sameer Oraon Updated At : 05 Jun 2026 9:56 PM

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झारखंड का पेट्रोल पंप और शराब विक्रेता

Jharkhand VAT Rules 2006: झारखंड सरकार ने वैट नियमावली 2006 में संशोधन कर पेट्रोल-डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को तिमाही रिटर्न (JVAT-200) और मासिक सारांश (JVAT-213) दाखिल करने से छूट दे दी है. यह नियम 2 जून 2026 से प्रभावी है, हालांकि होटल और बार संचालकों को यह छूट नहीं मिलेगी.

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रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट

Jharkhand VAT Rules 2006, रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के पेट्रोल-डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को एक बड़ी राहत दी है. सरकार ने ‘झारखंड मूल्यवर्धित कर (वैट) नियमावली, 2006’ में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए इन व्यवसायियों को तिमाही रिटर्न और मासिक सारांश दाखिल करने की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नई व्यवस्था 2 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है.

इन खुदरा विक्रेताओं को मिलेगी फॉर्म भरने से राहत

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद नियम 14 के उप-नियम (1) और (3) में किए गए इस संशोधन का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों को मिलेगा:

  • पेट्रोल पंप संचालक: ऐसे रिटेल आउटलेट जो किसी तेल कंपनी के स्वामित्व (Owned) में नहीं हैं और राज्य के भीतर ही पंजीकृत डीलरों से पेट्रोल या हाई स्पीड डीजल खरीदकर बेचते हैं. इन्हें अब फॉर्म जेवीएटी-200 (तिमाही रिटर्न) और फॉर्म जेवीएटी-213 (मासिक सारांश) जमा नहीं करना होगा.
  • शराब विक्रेता: झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) या राज्य के अन्य पंजीकृत थोक विक्रेताओं से विदेशी या देशी शराब खरीदकर खुदरा बिक्री करने वाले दुकानदारों को भी इन दोनों फॉर्मों को भरने से छूट दे दी गई है.

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होटल, रेस्टोरेंट और बार संचालकों को छूट नहीं

वाणिज्य कर विभाग ने अपनी अधिसूचना में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह रियायत सभी पर लागू नहीं होगी. निम्नलिखित संस्थानों को पहले की तरह ही अपना निर्धारित कर विवरण और रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा.

  • होटल और रेस्टोरेंट
  • बार और क्लब
  • माइक्रो ब्रुअरी संचालक

क्या कहते हैं वाणिज्य कर विभाग

“इस ऐतिहासिक संशोधन से कर प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी. इससे व्यापारियों पर अनुपालन (Compliance) संबंधी अतिरिक्त बोझ कम होगा और कागजी कार्रवाई की जटिलताओं से राहत मिलेगी, जिससे राज्य में कारोबार संचालन (Ease of Doing Business) की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी.”
वाणिज्य कर विभाग, झारखंड सरकार

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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