सहरसा में DM के सामने पहुंचीं 47 शिकायतें, जमीन विवाद से लेकर नौकरी तक के मामलों पर कार्रवाई के निर्देश

सहरसा – समस्या सुनते डीएम व अन्य
Saharsa Jan Samvad: अगर आपकी समस्या सीधे जिलाधिकारी तक पहुंच जाए और उसी दिन कार्रवाई के निर्देश भी मिल जाएं, तो कैसा हो? सहरसा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां डीएम दीपेश कुमार ने 47 आवेदनों की सुनवाई कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa Jan Samvad: सहरसा में जिला प्रशासन की पहल “सबका सम्मान, जीवन आसान” के तहत शुक्रवार को जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 47 मामलों की सुनवाई की गई. इस दौरान आम लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे डीएम के समक्ष रखीं, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
जनसंवाद में सुनी गई आम लोगों की समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें और आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए. भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, नियुक्ति संबंधी शिकायतों और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई मामले सुनवाई के लिए पहुंचे.
जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया.
दाखिल-खारिज और भूमि विवाद के मामलों पर विशेष ध्यान
सुनवाई के दौरान नवहट्टा निवासी प्रमोद झा ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज से जुड़ी समस्या उठाई. मामले के त्वरित निष्पादन के लिए अंचलाधिकारी नवहट्टा को आवश्यक निर्देश दिए गए.
वहीं बैजनाथपुर निवासी लालो देवी ने निजी भूमि पर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने की शिकायत दर्ज कराई. इस मामले की जांच और समाधान के लिए डीसीएलआर सदर को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
सेविका नियुक्ति और अनुकंपा बहाली की शिकायत भी पहुंची
जनसंवाद कार्यक्रम में सत्तरकटैया निवासी जयकिशोर कुमार ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर सेविका नियुक्ति किए जाने की शिकायत की. मामले की जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस को अधिकृत किया गया.
इसी तरह सहरसा निवासी सावन कुमार ने अनुकंपा के आधार पर गृह रक्षक पद पर बहाली से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया. जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक गृह रक्षक को निर्देशित किया.
समयबद्ध कार्रवाई पर डीएम का जोर
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें.
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता विभागीय जांच गणेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जनसंवाद कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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