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पटना : फिर शुरू हो गयी धड़ाधड़ रजिस्ट्री

Updated at : 06 Nov 2019 9:23 AM (IST)
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पटना : फिर शुरू हो गयी धड़ाधड़ रजिस्ट्री

जमाबंदी की अनिवार्यता पर रोक पटना : जमीन रजिस्ट्री में जमाबंदी और होल्डिंग की अनिवार्यता पर हाइकोर्ट की रोक के बाद अब रजिस्ट्री कार्यालय में पुराने ढर्रे पर रजिस्ट्री शुरू हो गयी है. निबंधन विभाग ने कोर्ट के अगले आदेश तक सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही निबंधन का आदेश दिया है. […]

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जमाबंदी की अनिवार्यता पर रोक
पटना : जमीन रजिस्ट्री में जमाबंदी और होल्डिंग की अनिवार्यता पर हाइकोर्ट की रोक के बाद अब रजिस्ट्री कार्यालय में पुराने ढर्रे पर रजिस्ट्री शुरू हो गयी है.
निबंधन विभाग ने कोर्ट के अगले आदेश तक सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को पुरानी व्यवस्था के तहत ही निबंधन का आदेश दिया है. 24 अक्तूबर 2019 को दिये गये आदेश में हाइकोर्ट ने तीन सप्ताह बाद सरकार को हलफनामा पेश करने के लिए कहा था. निर्धारित तिथि पर सुनवाई अभी होनी है. रजिस्ट्री में जमाबंदी का अड़ंगा दूर होने से एक बार फिर रजिस्ट्री में तेजी आ गयी है.
कन्फ्यूजन में कुछ दिनों तक अनिवार्य थी जमाबंदी : हाइकोर्ट की रोके के बाद भी शुरुआती दिनों में बिना जमाबंदी के रजिस्ट्री नहीं हो रही थी. निबंधन कार्यालय में संबंधित पदाधिकारियों का कहना था कि जब तक सरकार हलफनामा पेश नहीं करेगी या विभाग से नया नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा, तब तक बिना जमाबंदी के रजिस्ट्री नहीं होगी. लेकिन अब तस्वीर बदल गयी है.
रजिस्ट्री कार्यालय में बिना जमाबंदी के भी रजिस्ट्री हो रही है. यहां बता दें कि 10 अक्तूबर को राज्य सरकार की कैबिनेट ने यह फैसला लिया था कि बिना जमाबंदी और होल्डिंग के रजिस्ट्री नहीं की जायेगी. इस संबंध में हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी. इसमें कहा गया था कि निबंधन कार्यालय टाइटल की जांच कर रही है, जबकि उसका अधिकार नहीं है. याचिका में जमाबंदी की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की थी. इस पर हाइकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दिया था.
जमाबंदी से ब्लॉकों में शुरू हो गयी थी धांधली
जमाबंदी की अनिवार्यता के बाद ब्लॉक स्तर से लोगों को काफी परेशानी हो रही थी. जमीन की ऑन लाइन फीडिंग में गलतियाें को ही ठीक कराने में लोग परेशानी हो रहे थे. ग्रामीण इलाकों के ब्लॉक एक काम के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते थे. कागज सुधरवाने के नाम पर ब्लाॅकों में रिश्वत बढ़ गया था.
लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग पर काम हो रहा है, इसलिए काफी गलतियां हो रही हैं. कहीं पर पिता की जगह पति लिख दिया जाता है, कहीं पर रकबा गलत है. हाइकोर्ट की रोक के बाद अब लोगों को राहत मिली है.
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