166 साल बाद फुलवारी आकर पैतृक गांव की माटी खोज रहे मॉरीशस के हेमानंद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Oct 2019 7:30 AM
विज्ञापन
फुलवारीशरीफ : अपने पूर्वजों के गांव की तलाश में मॉरीशस के एक दंपती शनिवार को फुलवारीशरीफ पहुंचे. मॉरीशस में पुलिस निरीक्षक के पद से रिटायर्ड हेमानंद ने अपनी पत्नी विद्यावती के साथ फुलवारीशरीफ थाने पहुंच कर अपने पूर्वजों का हवाला देते हुए गांव के बारे में पूछताछ की. हेमानंद की पत्नी विद्यावती भी सराकरी नौकरी […]
विज्ञापन
फुलवारीशरीफ : अपने पूर्वजों के गांव की तलाश में मॉरीशस के एक दंपती शनिवार को फुलवारीशरीफ पहुंचे. मॉरीशस में पुलिस निरीक्षक के पद से रिटायर्ड हेमानंद ने अपनी पत्नी विद्यावती के साथ फुलवारीशरीफ थाने पहुंच कर अपने पूर्वजों का हवाला देते हुए गांव के बारे में पूछताछ की. हेमानंद की पत्नी विद्यावती भी सराकरी नौकरी करती हैं.
हेमानंद के परदादा बद्री 1853 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में कोलकाता से मारीशस गये थे. बद्री वापस अपने वतन नहीं लौट सके, तो वहीं पर घर बसा लिया.हेमानंद कहते हैं कि जब उन्हें मॉरीशस में यह पता चला कि उनके पूर्वज भारत से आये थे, तो उन्हें पूर्वजों का गांव देखने की जिज्ञासा हुई. इसके लिए उनका दोस्त उन्हें लेकर मारीशस स्थित महात्मा गांधी गांधी इंस्टीट्यूट की लाइब्रेरी में गया.
पता चला कि उनके परदादा पटना जिला के फुलवारी परगना और दीनापुर गांव के थे. यह वर्तमान में भुसौला दानापुर या दानापुर हो सकता है. इस गांव को फेसबुक के माध्यम से खोजा, मगर पता नहीं चला. उन्होंने बताया कि बद्री के पांचवें वंशज में हूं. मेरे पिता मोती लाल, मोती लाल के पिता शिवानंद, शिवानंद के पिता गुलाब चंद व गुलाब चंद के पिता बद्री हैं.
हिंदी और भोजपुरी भी बोल रहे थे हेमानंद
हेमानंद हिंदी और भोजपुरी भी बीच-बीच मे बोल रहे थे. उनके पास जो कागजात हैं, उसके मुताबिक बद्री वर्ष 1853 में कोलकाता से जूलिया नामक जहाज से मारीशस गये थे. उनके पास बद्री की तस्वीर भी थी. उन्होंने कहा अगर मेरे पूर्वजों का परिवार मिले जाये तो मुझे बड़ी खुशी होगी. ऐसा लगेगा की जैसे खुली आंख से कोई सपना देख रहे हों. वह भावुक होकर सबके गले लग गये. वह पटना के एक होटल में ठहरे हुए हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










