पटना : विधानमंडल पहुंचा आम, विपक्ष ने कहा, कारबाइड वाला है, मंत्री बोले-विरोधियों को हो गया है शूगर

Updated at : 04 Jul 2019 7:12 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : विधानमंडल पहुंचा आम, विपक्ष ने कहा, कारबाइड वाला है, मंत्री बोले-विरोधियों को हो गया है शूगर

भाजपा व जदयू के सदस्यों ने स्वीकारा, तो विपक्षी सदस्यों ने लेने से इन्कार कर दिया पटना : विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को सरकारी आम छाया रहा. दीघा के मालदह और भागलपुर के जर्दालू आम ने सदन की गरमी बनाये रखी. कृषि विभाग की ओर से विधायकों और विधान पार्षदों के लिए लाये […]

विज्ञापन
भाजपा व जदयू के सदस्यों ने स्वीकारा, तो विपक्षी सदस्यों ने लेने से इन्कार कर दिया
पटना : विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को सरकारी आम छाया रहा. दीघा के मालदह और भागलपुर के जर्दालू आम ने सदन की गरमी बनाये रखी. कृषि विभाग की ओर से विधायकों और विधान पार्षदों के लिए लाये गये आम को लेकर कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार विपक्ष के निशाने पर रहे. दो-दो किलो के आम के पैकेट और इसके साथ दो-दो पौधे सत्ताधारी दल भाजपा और जदयू के सदस्यों ने तो स्वीकार कर लिये, लेकिन राजद, कांग्रेस, भाकपा माले समेत विपक्षी सदस्यों ने लेने से इन्कार कर दिया.
शुरुआती समय में जिन विपक्षी सदस्यों ने आम की टोकरी स्वीकार कर ली थी, हंगामा होते ही उन्होंने उसे वापस कर दिया. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यह कह कर आम बांटने की आलोचना की कि एक ओर चमकी बुखार से बच्चों की मौत हो रही है, वहीं भाजपा वाले आम बांट रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जो भी यह आम खायेगा, उसे बच्चों की आह लगेगी. इधर, कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा का यह आम कारबाइड वाला है, इसे खाने से पेट खराब होगा. दूसरी ओर आम बांटने को सही ठहराते हुए कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने यह कहकर मामले को टालने की कोशिश करते रहे कि विपक्ष को शूगर की बीमारी है.
दरअसल, बुधवार को विधानसभा में कृषि विभाग पर बजट को लेकर वाद-विवाद निर्धारित था. पूर्व में यह परिपाटी रही थी कि जिस विभाग की चर्चा होती थी, उसकी ओर से विधायकों को तरह-तरह के उपहार दिये जाते थे. नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस परंपरा पर रोक लगा दी गयी. अचानक सदन में गाड़ियों पर लादकर आम की टोकरियां आने और विधायकों को बांटे जाने की खबर फैली तो विपक्ष ने इस मौके को हाथ से गंवाने नहीं दिया. विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अति संवेदनशील हो गयी है.
भाकपा माले के महबूब आलम ने कहा कि सरकार आम बांट कर जनता और सदन को गुमराह कर रही है. राजद के सदस्यों ने कहा कि राज्य में चमकी बुखार के कहर के बीच सरकार आम बांटकर खुशी मना रही है. इस वजह से वे लोग इसका विरोध करते हैं. विरोध-प्रतिरोध के बीच कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि वे आम की टोकरियां मुजफ्फरपुर में मारे गये बच्चों के परिजनों को भी भेजेंगे.
आम दीघा व भागलपुर से, तो पौधे सबौर से मंगाये गये थे
कृषि विभाग ने आम के पौधे सबौर कृषि विश्वविद्यालय और फार्म से खासतौर से मंगवाया था, जबकि आम के बारे में बताया गया कि ये पटना के दीघा और भागलपुर से लाये हुए बेहतरीन क्वालिटी के मालदा आम हैं. कृषि मंत्री दलील देते रहे कि आम के पौधे देने का मुख्य मकसद पौधारोपण खासकर फलदार पौधों को लगाने की मुहिम को बढ़ावा देना भी है. सभी सदस्यों को बेहद खूबसूरत पैकिंग में आम गिफ्ट के तौर पर दिये गये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन