पटना : बिल लेना है, तो टेलीफोन भवन जाइए
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Jun 2019 9:01 AM
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सुबोध कुमार नंदन पटना : सर लैंड लाइन का बिल लेना है. पिछले तीन माह का बिल चाहिए. काउंटर नंबर चार पर तैनात कर्मचारी कहता है यहां आपको बिल नहीं मिलेगा. इसके लिए आपको आर ब्लॉक स्थित टेलीफोन भवन जाना होगा. यह हाल है बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र (संचार भवन, जीपीओ) का. प्रभात खबर का […]
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सुबोध कुमार नंदन
पटना : सर लैंड लाइन का बिल लेना है. पिछले तीन माह का बिल चाहिए. काउंटर नंबर चार पर तैनात कर्मचारी कहता है यहां आपको बिल नहीं मिलेगा. इसके लिए आपको आर ब्लॉक स्थित टेलीफोन भवन जाना होगा. यह हाल है बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र (संचार भवन, जीपीओ) का.
प्रभात खबर का रिपोर्टर जब ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचता है तो सात-आठ लोग बिल के लिए काउंटर पर पूछताछ कर रहे हैं. हर आने वाले को एक ही जवाब मिल रहा था, यहां कर्मचारी नहीं है. जिस कर्मचारी की ड्यूटी है, वह छुट्टी पर है.
जब तक वह नहीं आयेंगे, तब तक बिल निकालने का काम नहीं होगा. उपभोक्ता महमूद आलम बिल लेने के लिए आधा घंटा से परेशान थे. तीन नंबर काउंटर पर जाने पर कर्मचारी कह रहे थे कि बगल वाले कार्यालय में जाइए, लेकिन उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि कहां जाएं. एक घंटे में दो दर्जन से अधिक लोगों को कर्मचारियों ने यही जवाब दिया.
जब एक कर्मी को आ गया गुस्सा
11 नंबर काउंटर पर एक शख्स ने लैंड लाइन का बिल मांगा, तो कर्मी ने आक्रोशित होते हुए कहा कि सब लोग यहीं आ जाते हैं दिमाग खराब करने. यहां बिल देना संभव नहीं है. कोई स्टाफ नहीं है. बिल लेना है, तो आर ब्लॉक जाइए. नौ नंबर काउंटर पर तैनात महिला कर्मचारी सिम बदलने का शुल्क स्वीकार करती हैं, लेकिन आवेदन पर मुहर ठीक से नहीं लग पा रहा है, क्योंकि पैड में इंक ही नहीं है. वह कहती हैं, कोई सुनता ही नहीं. इसलिए पानी डाल कर काम चलाना पड़ रहा है.
सोते रहते हैं कर्मचारी
एक उपभोक्ता मोबाइल बिल के लिए आठ नंबर काउंटर पर गये, तो वहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि बगल वाले ऑफिस से निकलवा लें. जब रिपोर्टर उपभोक्ता के साथ गया, तो वहां तैनात तीन कर्मचारियों में से एक सो रहा था. वहीं एक कर्मचारी मोबाइल पर व्यस्त दिखा. बिल के बारे में पूछने पर एक ने कोई जवाब नहीं दिया, तब दूसरे कर्मचारी ने पूछा, क्या काम है. सर लैंडलाइन का बिल लेना है. कर्मचारी ने जवाब दिया कि साहब आर ब्लॉक गये हैं. बिल लेना है, तो टेलीफाेन भवन ही जाना होगा. कोई दूसरा उपाय नहीं है.
काउंटर पर नहीं हैं कर्मी
ग्राहक सेवा केंद्र में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 12 काउंटर बने हैं. 1, 2, 5, 6, 10 और 12 नंबर काउंटर पर कोई कर्मचारी नहीं था. पता चला कि 5 नंबर काउंटर पर मोबाइल बिल मिलता है, उसका कंप्यूटर कई दिनों से खराब है. छह नंबर काउंटर पर सिम मिलता है, वह भी कई दिनों से बंद है. ग्राहक सेवा केंद्र में एक शख्स अलग से काउंटर लगा कर सिम बेच रहा था. उसने बताया कि काउंटर खाली नहीं है. इसलिए बाहर काउंटर लगा कर सिम बेचना पड़ रहा है. 3 और 4 नंबर काउंटर पर पुराने सिम के बदले नये सिम लेने वालों की भीड़ देखी गयी.
पेमेंट के पांच में से दो ही काउंटर खुले
टेलीफोन भवन में भी सात काउंटर बने हैं. इनमें पांच काउंटर पेमेंट के लिए, लेकिन इनमें दो काउंटर ही खुले थे. सर्वर डाउन होने के कारण पेमेंट का काम भी बाधित था. लगभग आधा घंटा के बाद सर्वर ठीक होने के बाद पेमेंट का काउंटर शुरू हो पाया. एक कैश काउंटर के अंदर महिला कर्मचारी मोबाइल पर व्यस्त दिखी. वहीं उपभोक्ता बार-बार बिल जमा स्वीकार करने के लिए आवाज लगाते रहे, लेकिन उस महिला कर्मचारी पर कोई असर नहीं हुआ.
मुलाकाती पर्ची भेजी, बुलाया नहीं
जब रिपोर्टर बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक एस राजहंस से मिलने उनके कार्यालय गये, तो 45 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी मिलने के लिए नहीं बुलाया. जबकि मुलाकाती परची भर कर उनके पास भेजी गयी थी. इससे साफ है कि अधिकारी बीएसएनएल की गिरती साख और ग्राहकों के सुविधाओं को लेकर कितने सजग हैं.
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