चिल्ड्रेन पार्क हुआ खंडहर, फव्वारा, लाइट व पौधे हो गये नष्ट

Updated at : 28 May 2019 5:13 AM (IST)
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चिल्ड्रेन पार्क हुआ खंडहर, फव्वारा, लाइट व पौधे हो गये नष्ट

दानापुर : छावनी क्षेत्र के सर्वप्रथम मार्शल बाजार चिल्ड्रेन पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. जर्जर फव्वारा, हरियाली की जगह सूखी झाड़ियां, कचरे की बदबू व असामाजिक तत्वों का अड्डा बना गया. इन दिनों यही चिल्ड्रेन पार्क का नजारा है. बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए यहां लगाये गये झूले का नामोनिशान […]

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दानापुर : छावनी क्षेत्र के सर्वप्रथम मार्शल बाजार चिल्ड्रेन पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. जर्जर फव्वारा, हरियाली की जगह सूखी झाड़ियां, कचरे की बदबू व असामाजिक तत्वों का अड्डा बना गया. इन दिनों यही चिल्ड्रेन पार्क का नजारा है. बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए यहां लगाये गये झूले का नामोनिशान नहीं है. नगर का एकमात्र मार्शल चिल्ड्रेन पार्क उजाड़ और वीरान हो गया है. पार्क की ऐसी बदहाल स्थिति छावनी प्रशासन द्वारा देखरेख नहीं किये जाने से हुई है.

गर्मी शुरू होते ही पार्क में बच्चों की धमाचौकड़ी व मौज-मस्ती शुरू हो जाती है, लेकिन अनदेखी के चलते पार्क बदहाल हो चुका है. इस पार्क को फिर से रोशन करने के लिए छावनी प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है. पार्क खंडहर में तब्दील हो चुका है. बताया जाता है कि 1988 में छावनी परिषद के तत्कालीन मुख्य अधिशासी पदाधिकारी एआर दत्ता व तत्कालीन परिषद के उपाध्यक्ष स्व राज किशोर प्रसाद की पहल पर लाखों की लागत से नगर के मार्शल बाजार स्थित चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण कराया गया था.
पार्क परिसर में 1990 में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था और पार्क परिसर में शौचालय की टंकी बना दी गयी थी. 4-5 वर्षों तक पार्क का देखभाल होता रहा है. यह पार्क पूरे नगर में अपने नाम और सुविधाओं के कारण विख्यात था, लेकिन छावनी प्रशासन की लापरवाही के कारण आज यह पार्क बदतर स्थिति में है. पार्क में फव्वारा का अवशेष बच गया है. उचित रखरखाव के अभाव में यह पार्क बदहाल हो गया है. इस पार्क में मनोरंजन के लिये कई संसाधन लगाये गये थे.
सभी टूट-फूट कर जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गये हैं या यू कहें कि लगाये गये संसाधन है ही नहीं. शुरू में जब यह पार्क चालू हुआ था. तब शहर भर के लोग काफी आनंदित होकर घूमने तथा समय बिताने के लिए पहुंचते थे. अब इस पार्क का नाम सिर्फ लोगों की जुबान पर नाम कहने लायक रह गया है. मजे की बात यह है कि पार्क में न तो हरी घास दिखती है और न ही साफ सफाई.
स्थानीय लोगों ने बताया कि छावनी प्रशासन ने पार्क के आधे हिस्से को वाहन पार्किंग स्थल बना दिया और सार्वजनिक शौचालय बना दिया गया. पार्क के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है और दूसरी तरफ से चहारदीवारी घेर कर बंद कर दिया गया है. पार्क में हमेशा नशेड़ियों व जुआरियों का जमघट लगा रहता है. परिषद प्रशासन द्वारा बाजार समेत आदि जगहों के कूड़े-कचरा को पार्क के पास जमा किया जाता है.
क्या कहना है लोगों का
मॉनिंग वाॅक व बच्चों के स्वास्थ्य मनोरंजन के लिए पार्क का होना जरूरी है. रखरखाव के अभाव में पार्क खंडहर में तब्दील हो गया है.
राज कुमार
सिमटते शहर की जमीन पर पार्क ही बच्चों के शारीरिक खेलकूद के स्थान बच गये हैं. यह भी बदहाल है. इससे पुन: सौदर्यींकरण कराया जाये.
हरिचंद्र प्रसाद
पार्क की बदहाली को देखते हुए पुन: जीर्णोद्वार कराया जाये. इससे पार्क में आनंद ले सके. पार्क सही नहीं होने से खेलने कूदने में दिक्कत होती है.
ओम प्रकाश यादव
पार्क की देखभाल होत तो आज यह जर्जर नहीं होता. इस ओर अधिकारियों को ध्यान देने होगा ताकि हमारे बच्चों को खेलने कूदने को कोई जगह मिल सके.
पवन कुमार गुप्ता
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