कम बारिश वाले जिलों के प्रत्येक प्रखंड में धान रोपाई का करें सर्वेक्षण : सीएम

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Apr 2019 5:23 AM

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के कम बारिश वाले जिलों के प्रत्येक प्रखंड में धान रोपाई का सर्वेक्षण करने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिया है. उन्होंने कृषि विभाग के प्रधान सचिव से कहा है कि वे हवाई सर्वे कर धान रोपाई की वास्तविक स्थिति का आकलन करें. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के कम बारिश वाले जिलों के प्रत्येक प्रखंड में धान रोपाई का सर्वेक्षण करने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिया है. उन्होंने कृषि विभाग के प्रधान सचिव से कहा है कि वे हवाई सर्वे कर धान रोपाई की वास्तविक स्थिति का आकलन करें.

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शुक्रवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में कम बारिश से पैदा हुई स्थिति और बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दिया. बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि 21 अगस्त के बाद राज्य में बारिश होने की संभावना है. सितंबर महीने में सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश होगी.
बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को उचित सलाह देने का निर्देश दिया. कहा कि मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार यदि धान की रोपाई हो जाती है तो उसका बचाव भी हो जाएगा और आगे रबी की फसल की भी संभावना बेहतर होगी. समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को राज्य के प्रत्येक जिले में बारिश की स्थिति की जानकारी दी.
करें वैकल्पिक फसल योजना की व्यवस्था
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगला 10 दिन धान रोपाई के लिए काफी महत्वपूर्ण है. उसके बाद बारिश की स्थिति, धान की रोपाई की स्थिति की जानकारी मिल जाने के बाद आगे की कार्रवाई की योजना बनायी जाएगी.
जिन 30 प्रखंडों में 50 प्रतिशत से कम धान की रोपाई के बारे में जानकारी दी गयी है, वहां विशेष नजर रखने की जरूरत है. धान के बदले वैकल्पिक फसल योजना के तहत जो फसल लगाया जा सकता है उसकी व्यवस्था की जाये.
वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण और जमुई में विशेष नजर
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर और जमुई जिले में बारिश की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वहां विशेष नजर रखने की जरूरत है. किसानों को फसल चक्र के बारे में कृषि विभाग को प्रेरित करना चाहिए.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त शशि शेखर शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी, सदस्य उदयकांत मिश्र, सदस्य पीएन राय, प्रधान सचिव जल संसाधन अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव पथ अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार, मनीष कुमार वर्मा, सचिव पीएचईडी जितेन्द्र श्रीवास्तव, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
कृषि विभाग ने दी धान रोपाई की जानकारी
कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने राज्य के प्रत्येक जिले में धान रोपाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 75 प्रतिशत से कम धान रोपाई 10 जिले में हुई है. जल संसाधन विभाग ने नदियों के जलस्तर और नहरों में पानी की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी. पीएचईडी ने कहा कि राज्य में ग्राउंड वाटर लेवल की स्थिति अच्छी है और पेयजल की समस्या नहीं है.
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