शुभेंदु से मिलकर आरजी कर पीड़िता की मां का ममता पर हमला- बेटी खोने का गम क्या होता है, ये कुर्सी गंवाने वाली क्या जानें

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 26 May 2026 10:44 PM

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Ratna Debnath Meets Suvendu Adhikari: आरजी कर कांड की पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बेटी खोयी है और ममता ने सिर्फ कुर्सी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट

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Ratna Debnath Meets Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की सियासत में आरजी कर (RG Kar) कांड एक बार फिर तूफान बनकर उभरा है. नबान्न (राज्य सचिवालय) में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद पीड़िता की मां और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक रत्ना देबनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला बोला.

फिर जिंदा हुई ‘जवाबदेही’ बनाम ‘इंसाफ’ की बहस

ममता बनर्जी के सत्ता से हटने के बाद पहली बार नबान्न पहुंचीं रत्ना देबनाथ ने रुंधे गले से कहा- फर्क सिर्फ इतना है कि मैंने अपनी कोख सूनी होते देखी और अपनी बेटी खोयी, जबकि उन्होंने (ममता) सिर्फ अपनी कुर्सी खोयी है. इस बयान ने बंगाल की राजनीति में ‘जवाबदेही’ और ‘इंसाफ’ की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है.

नबान्न की सीढ़ियों पर भावुक पल, शुभेंदु ने दिया न्याय का भरोसा

मंगलवार को बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से विशेष मुलाकात की. इस बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आरजी कर मामले में जो संस्थागत कवर-अप (Institutional Cover-up) हुआ था, उसके दोषियों को बेनकाब किया जाये. शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि नयी सरकार इस मामले की तह तक जायेगी और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा.

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सीबीआई एसआईटी (CBI SIT)

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय सीबीआई एसआईटी के गठन का आदेश दिया है.

इंसाफ की कुर्सी बड़ी या ममता की : रत्ना देबनाथ

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को हिला दिया था. रत्ना देबनाथ ने ममता सरकार के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा बंगाल सड़कों पर था, तब तत्कालीन सरकार साक्ष्यों को मिटाने और दोषियों को बचाने में लगी थी. रत्ना ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संवेदनाएं ताक पर रख दी थीं, लेकिन जनता ने उन्हें कुर्सी से हटाकर जवाब दे दिया है. उन्होंने उन हजारों डॉक्टरों का आभार जताया, जिन्होंने उनकी बेटी के लिए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था.

CBI की नयी जांच से बढ़ी हलचल

हाईकोर्ट द्वारा गठित सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) अब इस बात की जांच करेगी कि घटना के तुरंत बाद आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ क्यों हुई थी और शव परीक्षण (Post-mortem) की प्रक्रियाओं में क्या खामियां थीं. एसआईटी जल्द ही अस्पताल के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ पुलिसकर्मियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है, जिससे टीएमसी के कई पुराने नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

Ratna Debnath Meets Suvendu Adhikari: बदले हुए बंगाल का राजनीतिक नैरेटिव

रत्ना देबनाथ का यह बयान केवल एक मां का दर्द नहीं, बल्कि बंगाल के बदले हुए राजनीतिक समीकरण का भी प्रतीक है. बीजेपी अब इस मामले को ‘न्याय बनाम अहंकार’ के रूप में पेश कर रही है. रत्ना देबनाथ, जो खुद अब एक विधायक हैं, का कहना है कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी बेटी के हत्यारों और साक्ष्य मिटाने वालों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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