पटना : नैक को ध्यान में रखते हुए अपडेट होगा कोर्स स्ट्रक्चर
Updated at : 12 Apr 2019 8:42 AM (IST)
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उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ें पटना : राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि उच्च शिक्षा को शोधपरक और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए प्रयास हो रहे हैं. उच्च शिक्षा के विकास के बगैर राष्ट्र की प्रगति नहीं हो सकती. ज्ञान-विज्ञान की प्रगति से जुड़ते हुए भी हमें समृद्ध परंपराओं और विरासतों से जुड़ना होगा. […]
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उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ें
पटना : राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि उच्च शिक्षा को शोधपरक और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए प्रयास हो रहे हैं. उच्च शिक्षा के विकास के बगैर राष्ट्र की प्रगति नहीं हो सकती.
ज्ञान-विज्ञान की प्रगति से जुड़ते हुए भी हमें समृद्ध परंपराओं और विरासतों से जुड़ना होगा. वे गुरुवार को ‘उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल’ विषय पर होटल मौर्या में दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सुश्रुत को ‘सर्जरी’ का जनक माना जाता है. कौटिल्य अर्थशास्त्र और आर्यभट्ट गणित के विद्वान थे. नालंदा व विक्रमशिला विवि विश्व में उच्च शिक्षा के केंद्र रहे हैं. ‘सीबीसीएस’, ‘यूएमआइएस’, नैक के बाद हम डिजिटलीकरण की ओर कदम बढ़ायेंगे. मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित ‘डिजिटल इनिसिएटिव्स इन हायर एजुकेशन’ का विमोचन किया.
इस अवसर पर राज्य के विकास आयुक्त सुभाष शर्मा ने कहा कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा और क्लासरूम तक सीमित रहने वाली योग्यता नहीं है. शिक्षा के डिजिटलीकरण से बहुत फायदा हो सकता है. कार्यक्रम में बतौर प्रमुख वक्ता आइआइटी मद्रास के प्रो मंगला सुंदर ने कहा कि ‘डिजिटलीकरण’ से संबंधित कार्यक्रम छात्रों के साथ शिक्षकों के लिए भी काफी उपयोगी हैं. इस मौके पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में यह बेहद जरूरी है कि शिक्षक और छात्र क्लासरूम से अधिकाधिक रूप से जुड़ें.
परीक्षाएं समय पर हों. राज्यपाल सचिवालय में उच्च शिक्षा परामर्शी आरसी सोबती ने कहा कि डिजिटल पहलों के जरिये हम ज्ञान को सुदूर गांवों में भी पहुंचा सकते हैं. सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव राहुल सिंह ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में ‘डिजिटलीकरण’ की प्रक्रिया पूरी करने के लिए राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी.
ये हुए शामिल
कार्यक्रम में अर्चना शुक्ला, प्रो सत्यकी, नंद गोपाल, प्रो कवि आर्या, उषा विश्वनाथन, डॉ शालिनी, जीएस मलिक, डॉ भट्टाचार्या आदि शामिल हुए. कार्यशाला में धन्यवाद ज्ञापन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गुलाब चंद राम जायसवाल और संचालन डॉ तनुजा ने किया. समारोह में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिकुलपति, कुलसचिव और तकनीकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
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